Current Affairs August 13, 2018

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Current Affairs August 13, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के नए उच्चायुक्त: मिशेल बैचेलेट

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बैचेलेट को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के नए उच्चायुक्त के रूप में मनोनीत किया गया है। मिशेल बैचेलेट को 4 वर्ष के कार्यकाल के लिए जॉर्डन के राजनयिक ज़ीद राद अल हुसैन के स्थान पर नियुक्त किया गया है। मिशेल बैचेलेट वर्ष (2006-2010) और (2014-2018) तक चिल्ली की प्रथम महिला राष्ट्रपति के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद:

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की स्थापना वर्ष 1946-48 में आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के रूप में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मानवाधिकार आयोग के रूप में की थी। इस आयोग का मुख्य कार्य मानव अधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय बिल, नागरिक स्वतंत्रता, एवं मानवाधिकार सम्बन्धी विषयों पर अपनी अनुशंसाएं प्रकट करना है जिसके लिए दिसंबर 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकार गतिविधियों के प्रति जिम्मेदारी निश्चित करने हेतु मानवाधिकार उच्चायुक्त का पद सृजित किया गया।

भारतीय नौसेना द्वारा बाढ़ प्रभावित केरल में “ऑपरेशन मदद” और “ऑपरेशन सहयोग” का आयोजन

भारतीय नौसेना ने बाढ़ प्रभावित केरल में प्रमुख बचाव और राहत अभियान कार्यक्रम के तहत “ऑपरेशन मदद” और “ऑपरेशन सहयोग” का आयोजन का शुभारंभ किया। यह दोनों कार्यक्रम राष्ट्रीय आपदा राहत बल (NDRF) के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं। “ऑपरेशन मदद” कार्यक्रम के तहत राहत सामग्री को नौकायन के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमें 50 पुरुष दल को 50-पुरुष दल को नौसेना आर्मामेंट डिपो अलुवा में भी किसी भी तरह की स्थिति में सहायता के लिए पूरी तरह से सुसज्जित किया गया हैं।

ऑपरेशन सहयोग के तहत भारतीय सेना में कन्नूर, कोझिकोड, वायनाड और इडुक्की में आपदा राहत और बचाव अभियान में अपने सैनिको और मशीनरी को तैनात किया। कर्नाटक और केरल को क्षेत्र का नियंत्रण बेंगलुरु स्थित “ऑपरेशन सहयोग” मुख्यालय से किया जा रहा है।

CSIR की नई पैटेंटीकृत क्लॉट बुस्टर तकनीक

13 अगस्त 2018 को सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ गिरीश साहनी एवं माइक्रोबायल टेक्नोलॉजी में अन्वेषणकर्ताओं की टीम द्वारा एक नई पैटेंटीकृत क्लॉट बुस्टर तकनीक का अनावरण किया गया। यह तकनीक एक अनोखी जैविक इकाई से इस्केमिक स्ट्रोक के उपचार में सहयोग करेगी। इस्केमिक स्ट्रोक एक ऐसी अवस्था होती है जो मस्तिष्क धमनियों में होने वाले इम्बोली, थ्रोबस या एथरोस्कलेरोसिस के कारण उत्पन्न होती है। भारत में स्ट्रोक की घटना पश्चिमी देशों की तुलना में अधिक होती है और सभी स्ट्रोकों में इस्केमिक स्ट्रोक का प्रतिशत लगभग 87 प्रतिशत है।

इस परियोजना के सफल संपादन हेतु सीएसआईआर द्वारा मुंबई की एपाइजेन बायोटेक प्रा. लि. से समझौता हस्ताक्षर किया गया। हमें ध्यान देना चाहिए कि एपाइजेन बायोटेक प्रा. लि. थ्रोबोलिटिक प्रोटीन के विशिष्ट लाइसेंस के साथ भारत में पहली कंपनी है।

विद्युत मंत्रालय के अधीन अपीलीय न्यायाधिकरण की नई अध्यक्ष: न्यायमूर्ति मंजुला चेल्लूर

13 अगस्त 2018 को केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अधीन अपीलीय न्यायाधिकरण की नई अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति मंजुला चेल्लूर को शपथ ग्रहण कराई गई। इस नियुक्ति से पूर्व न्यायमूर्ति मंजुला चेल्लूर मुंबई उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश थी।

श्रीमती न्यायमूर्ति मंजुला चेल्लूर का जन्म कर्नाटक में 5 दिसंबर, 1955 को हुआ था। उन्हें ऑलम सनमंगलम महिला कॉलेज, बेल्लारी से कला स्नातक प्राप्त हुआ, और बैंगलोर के रेणुकाचार्य लॉ कॉलेज से अपनी कानून की डिग्री अर्जित की। वर्ष 1977 में, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इंग्लैंड के वारविक विश्वविद्यालय में लिंग और कानून फैलोशिप पर प्रायोजित किया। इसके उपरांत वह कलकत्ता उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश थीं। न्यायमूर्ति मंजुला चेल्लूर द्वारा 4 दिसंबर 2017 को मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सुपरन्यूएशन की उम्र प्राप्त करने के बाद पद त्याग दिया।

लुप्त प्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए भारत की प्रथम समर्पित प्रयोगशाला

13 अगस्त 2018 को केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए भारत की प्रथम समर्पित प्रयोगशाला का अनावरण किया। यह प्रयोगशाला हैदराबाद स्थित सीएसआईआर के सेलुलर और आण्विक जीवविज्ञान (CCMB) केंद्र में स्थापित की गई है।

मुख्य तथ्य:

दुनिया के सबसे विविध देशों में से एक होने के बावजूद भारत में सभी प्रजातियों में से लगभग 14% विलुप्त होने के गंभीर खतरे पर है। इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और प्रबंधन हेतु समर्पित प्रयोगशाला की स्थापना की। यह प्रयोगशाला लुप्तप्राय प्रजातियों के प्राथमिक कोशिकाओं का दीर्घकालीन भंडारण, संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम को आयोजित करेगी।

CCMB -लाकोनस भारत में एकमात्र प्रयोगशाला है जिसने वन्यजीवन से वीर्य और ओसाइट्स के संग्रह और क्रियोप्रेशरेशन के लिए तरीकों का विकास किया है और लुप्तप्राय ब्लैकबक, स्पॉट हिरण और निकोबार कबूतरों को सफलतापूर्वक पुन: पेश किया है। यह सुविधा भारत में चिड़ियाघर के सहयोग से वन्यजीवन से अनुवांशिक संसाधनों का संग्रह बढ़ाएगी।