Current Affairs April 8, 2018

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Current Affairs April 8, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

केंद्रीय गोबर- धन योजना

केंद्र वित्त मंत्रालय के बजट भाषण-2018 के अनुसार केंद्र सरकार गैल्वेवनिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन (गोबर-धन) योजना को लागू करने जा रही है। यह योजना उपयोगी खाद, बायोगैस और जैव-सीएनजी को खेतों में पशुओं के गोबर और ठोस कचरे के प्रबंधन और परिवर्तित करने पर केंद्रित है। यह गांव को साफ रखने में भी मदद करेगा, साथ ही मवेशी पशुओं के माध्यम से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

वर्तमान समय में भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व का सबसे ज्यादा पशु (300 मिलियन संख्या) आबादी स्थल है, जहां प्रतिदिन 3 मिलियन टन गोबर उत्पादन होता है। यह योजना गांव को स्वच्छ रखने के अलावा कृषि की पैदावार में बढ़ोतरी कर आय के अन्य स्रोत सृजित करने में सहायक होगी।

इस योजना के माध्यम से तेल कंपनियों के लिए बाजार में स्थिर इंधन आपूर्ति सुगम होगी, जबकि बैंकों के और केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुलभ ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्व सहायता समूह का गठन किया जाएगा, जो संबंधित ग्रामीण क्षेत्र में आवश्यक हरित रोजगार और उर्जा के अवसर का मूल्यांकन करेगा।

Source: Indian Express 


महाराष्ट्र परियोजना के आर्थिक सहयोग हेतु विश्व बैंक से समझौता

भारत सरकार महाराष्ट्र सरकार और विश्व बैंक ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा एवं विदर्भ क्षेत्र में रहने वाले छोटे और सीमांत किसानों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 420 मिलियन अमेरिकी डॉलर की “महाराष्ट्र परियोजना” हेतु समझौता हस्ताक्षर किए।

इस परियोजना के तहत महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के 70 लाख से अधिक किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

यह परियोजना जलवायु की दृष्टि से लचीले माने जाने वाले तौर तरीकों को बढ़ावा देने और सुनिश्चित कृषि उत्पाद प्राप्त करने के लक्ष्य से प्रारंभ की जा रही है।

इस परियोजना को वर्षा जल सिंचित कृषि क्षेत्र में प्रारंभिक तौर पर लागू किया जाएगा, जिसके तहत सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों सतही जल भंडारण के विस्तार और जल भंडारण जैसी सुविधाओं के बारे में व्यापक जानकारी और उपयोग को प्रसारित किया जाएगा।

हमें ध्यान देना चाहिए कि प्रतिकूल मौसम प्रभाव के कारण महाराष्ट्र में कृषि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, क्योंकि छोटे और सीमांत किसान मुख्यता कृषि हेतु वर्षा जल पर निर्भर है। इस परेशानी के समाधान हेतु केंद्र सरकार ने “महाराष्ट्र परियोजना” नामक व्यवस्था को किसानों के मध्य लागू करना प्रस्तावित किया।

Source: World Bank 


उधम सिंह नगर में उत्तराखंड का दूसरा मेगा फूड पार्क

उत्तराखंड के दूसरे मेगा फूड पार्क की स्थापना केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा उधम सिंह नगर के काशीपुरा स्थित महुआ खेड़ा गंज में किया गया।

इस परियोजना को 99.96 करोड़ों रुपए की लागत से स्थापित किया जाएगा, जिससे उत्तराखंड और पड़ोसी जिले के लगभग 25,000 ग्रामीणों को लाभांवित किया जा सकेगा।

यह मेगा फूड पार्क 50.14 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है, इसमें एक केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र के साथ-साथ राम नगर, रामगढ़ और कालाडुंगी में तीन प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र (पीपीसी) भी होंगे।

इस मेगा फूड पार्क में खेतों के नजदीक प्राथमिक प्रसंस्करण और भंडारण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी।

हमें ध्यान देना चाहिए कि वर्तमान समय में उत्तराखंड का पहला मेगा फूड पार्क हरिद्वार में स्थापित किया जा चुका है।

Source: PIB