GK in Hindi & Current Affairs Quiz SSC March 10, 2018

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GK in Hindi & Current Affairs Quiz For SSC Exam March 10, 2018

  1. वह शख्सियत, जिसे वर्ष 2018 के आर्किटेक्चर के शीर्ष प्रिज़्कर पुरस्कार हेतु चयनित किया गया ?
    1. बालकृष्ण दोशी
    2. चार्ल्स कोरिया
    3. राज रीवल
    4. शीला श्री प्रकाश

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    नॉनजेनेरियन आर्किटेक्ट और प्रतिष्ठित शहरी नियोजक बालकृष्ण दोशी को आर्किटेक्चर के सर्वोच्च सम्मान – प्रिटज़कर पुरस्कार के विजेता के रूप में नामित किया गया है। इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले वह प्रथम भारतीय नागरिक होंगे। उनके डिजाइन आई आई एम- बैंगलोर, पर्यावरण योजना और प्रौद्योगिकी केंद्र- अहमदाबाद जैसे प्रमुख केंद्र शामिल है। वर्ष 1979 में हयात फाउंडेशन के जे ए प्रिज़्कर और उनकी पत्नी सिंडी द्वारा प्रिज़्कर पुरस्कार की स्थापना की गई थी। यह दुनिया की प्रमुख वास्तुकला पुरस्कारों में से एक माना जाता है और अक्सर वास्तुकला के नोबेल पुरस्कार के रूप में जाना जाता है।

  2. केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा अनुमोदित “उत्तर पूर्व विकास वित्त निगम लिमिटेड” को कुल कितने कोष के साथ स्थापित किया जाएगा ?
    1. ₹100 करोड़ रुपए
    2. ₹ 80 करोड़ रुपए
    3. ₹200 करोड़ रुपए
    4. ₹90 करोड़ रुपए

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    केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए एक समर्पित उत्तर-पूर्व विकास वित्त निगम लिमिटेड की स्थापना संबंधी प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसमें 100 करोड़ रुपए का कोष स्थापित किया जाएगा। इस निगम की स्थापना के लिए नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसके अन्य सदस्य लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय के सचिव और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव होंगे। उत्तर-पूर्व विकास वित्त निगम लिमिटेड के अंतर्गत पूर्वोत्तर राज्य में मेगा फूड पार्क, एकीकृत कोल्ड चेन और वैल्यू इश्यूशन इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि की स्थापना भी की जाएगी।

  3. केंद्रीय रक्षा मंत्रालय द्वारा सैनिकों की मुकाबला करने की क्षमता को बढ़ावा देने हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति है ?
    1. अनुपम आनंद समिति
    2. डीबी शेकटकर समिति
    3. जॉर्ज कुरियन समिति
    4. एलेक्स पॉल मेनन समिति

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    केंद्रीय रक्षा मंत्रालय द्वारा सैनिकों की मुकाबला करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिशों हेतु लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीबी शेकटकर की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति द्वारा दिसंबर 2016 में प्रस्तुत रिपोर्ट पर आवश्यक कार्यवाही और क्रियान्वयन के अंश इस प्रकार है:

    1. ऑर्डनेंस सेक्शनलों का पुनर्निर्याण करने के लिए वाहन डिपो, ऑर्डनेंस डिपो और सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो को सूचीबद्ध कर नियंत्रण तंत्र को व्यवस्थित करना।

    2. शांति के स्थानों में सैन्य फार्मों की समाप्ति और शांति स्थानों में सेना डाक प्रतिष्ठान की स्थापना।

    3. सेना में लिपिक स्टाफ और ड्राइवरों की भर्ती के लिए मानकों में संवर्धन।

    4. राष्ट्रीय कैडेट कोर की दक्षता में सुधार करना है।।

  4. उच्च न्यायालय वाणिज्यिक प्रभाग (संशोधन) विधेयक, 2018 किस मूल्य राशि से अधिक के वाणिज्यिक विवादों की सुनवाई कर सकता है ?
    1. ₹3 लाख
    2. ₹5 लाख
    3. ₹10 लाख
    4. ₹15 लाख

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    7 मार्च 2018 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाणिज्य न्यायालय, वाणिज्य प्रभाग और उच्च न्यायालय वाणिज्यिक प्रभाग (संशोधन) विधेयक 2018 को सहमति प्रदान की। इस संशोधित विधेयक में वाणिज्यिक विभाग ने ₹3 लाख से ₹1 करोड़ मूल्य तक के विवादों को विस्तृत रूप से निर्दिष्ट किया गया। यह संशोधन वाणिज्यिक विवादों को कम समय में पूर्ण करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है, जिससे भारत को Ease of Doing Business सूची में सुधार के आवश्यक उपलब्धता कराता है। यह संशोधन विधेयक क्षेत्राधिकार के लिए जिला न्यायाधीश स्तर पर वाणिज्यिक न्यायालयों की स्थापना का अधिकार प्रदान करता है।

  5. वह उच्च स्तरीय समिति, जिसकी सिफारिशों पर केंद्र सरकार ‘भारतीय मध्यस्थता परिषद‘ की स्थापना करेगी ?
    1. बीएच श्रीकृष्ण समिति
    2. कल्पना श्रीवास्तव समिति
    3. डेनिस लिली समिति
    4. दीपक त्रिवेदी समिति

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    केंद्र सरकार ने मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक की प्रस्तावना और व्यवहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीएच श्रीकृष्ण की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था, जिनकी सिफारिशों के अनुरूप ‘भारतीय मध्यस्थता परिषद’ का गठन किया जाएगा। इस क्रम में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी गई। इस संबंध में अदालत से संपर्क करने की आवश्यकता के बिना, उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मध्यस्थ संस्थानों के माध्यम से मध्यस्थों की त्वरित नियुक्ति की जाएगी। इस अधिनियम के अनुभाग 42 ए तहत मध्यस्थ संस्थान पुरस्कारों को छोड़कर सभी मध्यस्थ कार्यवाही की गोपनीयता बनाए रखेंगे।