Rulers of Jaisalmer

Major & Important facts about Rulers of Jaisalmer

राजस्थान के पश्चिम में स्थित जैसलमेर, जिसे गोल्डन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान एक विश्व विरासत स्थल भी है। यह शहर जियोलाजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के अनुसार पीले बलुआ पत्थर की एक पहाड़ी पर स्थित है। जैसलमेर की स्थापना 1156 ईस्वी में रावल जैसल द्वारा की गई थी। वर्तमान समय के प्रकाशनों के अनुसार भाटी राजवंश ने लुडार्वा त्यागकर जैसलमेर की स्थापना की थी। भाटी राजवंश ने वर्ष 1818 तक स्वतंत्र रूप से जैसलमेर प्रशासन जारी रखा, जिसके उपरांत ब्रिटिश संधि के अनुसार वह ब्रिटिश संरक्षक बने।

जैसलमेर के भाटी शासक:

रावल (शाब्दिक अर्थ शाही परिवार)

रावल जैसल सिंह (1153 – 1168)

शाहब उद-दीन मुहम्मद (शिहाबुद्दीन), घोर के अफगान प्रधान द्वारा भाटी राजवंश की पूर्व राजधानी लुडार्वा को नष्ट किया गया।
रावल जैसल द्वारा राजधानी के रूप में जैसलमेर राज्य की स्थापना की गई।

शालिभव सिंह द्वितीय (1168 – 1200)

बैजल सिंह (1200 – 1200)

कैलान सिंह (1200 – 1219)

चाचक देव सिंह (1219 – 1241)

करन सिंह प्रथम (1241 – 1271)

लखन सेन (1271 – 1275)

पुंपल सिंह (1275 – 1276)

जैतिसिंह सिंह प्रथम (1276 – 1294)

8 वर्षों तक अलाउद्दीन खिलजी का सामना किया।
वर्ष 1294 में जैसलमेर में प्रथम जौहर किया गया।

मूलराज सिंह प्रथम (1294 – 1295)

दुरान साल (डुदा) (1295 – 1306)

घारसी सिंह (1306 – 1335)

केहर सिंह द्वितीय (1335 – 1402)

लखमन सिंह (1402 – 1436)

बर्ससि सिंह (1436-1448)

चाचक देव सिंह II (1448 – 1457)

देविदास सिंह (1457 – 14 97)

जैती सिंह द्वितीय (1497-1530)

करण सिंह द्वितीय (1530-1530)

लुनकरण सिंह (1530 – 1551)

मुगल सम्राट हिमायू के साथ जंग लड़ी थी।
इनके समय अफगान प्रमुख अमीर अली के आक्रमण के उपरांत जैसलमेर में तीसरा जोहर किया गया।
जिसे आधा जोहर भी कहा जाता है, जिसका मुख्य कारण अफगान प्रमुख के षड्यंत्र के कारण अफगानी सैनिक किले में दाखिल हुए। रावल को जोहर का समय न मिलने के कारण अपनी रानियों की हत्या करनी पड़ी किंतु अतिरिक्त सैन्यबल आने पर जोहर की प्रक्रिया को रोक दिया गया।

मालदेव सिंह (1551 – 1562)

हरराज सिंह (1562 – 1578)

मुगल सम्राट अशोक का सानिध्य स्वीकार किया।

भीम सिंह (1578 – 1624)

कल्याण सिंह (1624 – 1634)

मनोहर दास सिंह (1634 – 1648)

राम-चंद्र सिंह (1648 – 1651)

सबल सिंह (1651 – 1661)

इनके द्वारा जैसलमेर के किले का निर्माण पत्थर से किया गया।
जैसलमेर राज्य को उत्तर की ओर सुरेज नदी तक और पश्चिम की ओर सिंधु नदी तक बढ़ाया गया।

महारावल:

अमर सिंह (1661-1702)

जसवंत सिंह (1702-1708)

बुध सिंह (1708 – 1722)

अखि सिंह (1722 – 1762)

मूलराज द्वितीय (1762 – 1820)

सुरक्षा के लिए अंग्रेजों के साथ दोस्ती की संधि पर हस्ताक्षर किए।

गज सिंह (1820 – 1846)

रणजीत सिंह (1846 – जून 1864)

बैरीसाल (1864 – 1891)

शालिभव सिंह तृतीय (1891 – 1914)

जवाहर सिंह (1914 – 1947)

जानकारी का प्रमुख केंद्र: जैसलमेर राज्य (Wikipedia)