निर्भया फंड के तहत सीसीटीवी निगरानी प्रणाली

भारतीय रेलवे महिलाओं सहित यात्रियों को चौबीस घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 500 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत पर निर्भया निधि के तहत पूरे देश में 983 स्टेशनों पर 19, 000 उच्च तकनीक के सीसीटीवी कैमरे प्लेटफार्मों और प्रतीक्षा क्षेत्रों पर कैमरे स्थापित किए जाएंगे।

सीसीटीवी फुटेज की निगरानी प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मियों द्वारा की जाएगी और संबंधित स्टेशन मास्टर को सीसीटीवी कैमरा फुटेज तक पहुंच भी दी जाएगी। भारतीय रेलवे के पास लगभग 8,000 स्टेशन हैं, इनमें से केवल 344 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं।

उनके अलावा, शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों के साथ कवर किया गया है।

मुंबई उपनगरीय सेवा के कुछ महिला डिब्बों को भी एक पायलट परियोजना के तहत सीसीटीवी कैमरों के साथ कवर किया गया है। इसी तरह, हम्समफेर एक्सप्रेस और आगामी तेजस सेवा भी सीसीटीवी कैमरे से सुसज्जित होंगे।

निर्भया कोष:

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद यूपीए सरकार ने 1 हजार करोड रुपए के निर्भया कोष की घोषणा की थी. यह कोष भारत में महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी और गैर सरकारी संगठनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु वर्ष 2013 के केंद्रीय बजट में निर्भया कोष की वैचारिकता को विस्तृत रुप से समझाया गया.

निर्भया कोर्स वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलात विभाग द्वारा प्रशासित किया जाता है. आर्थिक मामलात विभाग द्वारा ठंड के प्रशासन और संचालन के लिए समय-समय पर दिशा निर्देश जारी किए जाते रहे हैं.

हमें ध्यान देना चाहिए कि निर्भया कोष के तहत योजनाओं का आकलन करने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय, नोडल मंत्रालय है.

यह मंत्रालय स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और निगरानी करने का उत्तरदायित्व रखता है.