तेलंगाना में 50% से अधिक आरक्षण पर विधेयक पेश किया गया

16 अप्रैल 2017 को तेलंगाना विधायिका ने तेलंगाना पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (राज्य के तहत सेवा में नियुक्तियों और नियुक्तियों या पदों के आरक्षण) विधेयक, 2017 को पारित किया है, जो पिछड़े मुसलमानों और अनुसूचित जनजाति के लिए पर्याप्त रूप से आरक्षण बढ़ाने की सिफारिश करता है।

नए कानून में सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े मुसलमानों के लिए मौजूदा 4% से 12% आरक्षण और अनुसूचित जनजातियों के लिए 6% से 10% तक आरक्षण में वृद्धि होगी। इस विधेयक के उपरांत राज्य में सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में कुल कोटा सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 50% से बढ़कर 62% हो जाएगा।

अब राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए बिल भेजा जाएगा। यह विधेयक केंद्र सरकार को संविधान की नवी अनुसूची में आवश्यक हेतु प्रस्तावित है क्योंकि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 50% से बढ़कर 62% आरक्षण की सिफारिश करता है। हमें ध्यान देना चाहिए कि वर्तमान समय में तमिलनाडु और झारखंड जैसे राज्य पहले से ही 50% से अधिक आरक्षण की व्यवस्था प्रदान कर रहे हैं।