अखिल महिला भारतीय रिजर्व बटालियन: कश्मीर पदस्थापन

28 अप्रैल 2017 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू और कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पथराव में महिलाओं को नियंत्रित करने के क्रम में अखिल महिला भारतीय रिजर्व बटालियन को नियुक्त करने की योजना बनाई है। यह निर्देश केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में सुरक्षाबलों पर पत्थरों को फेंकने वाली महिलाओं और छात्राओं को नियंत्रित करने के लिए किया गया है।

अखिल महिला भारतीय रिजर्व बटालियन केंद्र सरकार की 5 भारतीय रिजर्व बटालियन में से एक है। जिसे पिछले वर्ष राज्य सरकार की सेवा हेतु उपलब्ध कराने संबंधी सहमति जारी की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सभी महिला बटालियनों की मुख्य भूमिका होगी। इसके अतिरिक्त इन्हें अन्य कानून और व्यवस्था के कर्तव्यों को भी सौंपा जाएगा। मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बटालियन जुटाने की लागत 61 करोड़ रुपए आएगी, जिसमें से व्यय का 75% केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

भारतीय रिजर्व बटालियन:

भारतीय रिजर्व बटालियन एक विशिष्ट स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित एक विशिष्ट इकाई है। यह सशस्त्र पुलिस बल का एक प्रकार है, जिसे राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को मंजूरी दी गई है। भारतीय रिज़र्व बटालियन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के 60% पद आरक्षित रखना होते हैं। यद्यपि आईआरबी कर्मियों को आमतौर पर अपने संबंधित राज्यों में तैनात किया जाता है, यद्यपि आवश्यक हो तो उन्हें कहीं भी तैनात किया जा सकता है। हमें ध्यान देना चाहिए कि केंद्र सरकार ने 2015 में जम्मू-कश्मीर में 80,000 करोड़ रुपये के विकासात्मक पैकेज की घोषणा की है, जिसमें से 61,112 करोड़ रुपये पहले से ही विभिन्न मंत्रालयों को जारी किए जा चुके हैं और राज्य में विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने के लिए 19.500 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।