भारत प्रथम बार शुद्ध विद्युत निर्यातक देश बना

29 मार्च 2017 को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की सांविधिक निकाय केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने वित्त वर्ष 2016 17 में भारतीय विद्युत ऊर्जा का ब्यौरा प्रस्तुत किया। जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में भारत शुद्ध विद्युत निर्यातक देश बन गया है। इस अवधि के दौरान, भारत ने बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार में लगभग 5,798 मिलियन यूनिट बिजली का निर्यात किया। यह भूटान से 5,585 मिलियन यूनिट के आयात से 213 मिलियन यूनिट अधिक है। हमें ध्यान देना चाहिए कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण सीमापार विद्युत व्यापार के लिए भारत सरकार का एक नामित प्राधिकरण है.

विद्युत निर्यात संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:

पिछले तीन वर्षों में नेपाल और बांग्लादेश में भारत का विद्युत निर्यात क्रमशः 2.5 और 2.8 गुना बढ़ गया है। बांग्लादेश और म्यांमार के साथ नई ट्रांसमिशन लाइनों ने भारत को और अधिक बिजली बेचने में मदद की है।

नेपाल को भारत का बिजली निर्यात:

भारत ने नेपाल को करीब 11 केवीआर, 33 केवी और 132 केवी स्तर पर 12 से अधिक सीमावर्ती इंटरकनेक्शन के लिए लगभग 190 मेगावाट बिजली का निर्यात किया है।

इसमें वर्ष 2016 में मुजफ्फरपुर (भारत) -घळखेड़ (नेपाल) 400 केवी लाइन (132 केवी पर संचालित किया जा रहा है) की स्थापना के बाद लगभग 145 मेगावॉट की वृद्धि हुई है।

इसके आगे 145 मेगावाट से 132 केवी कटिया (बिहार) – कुसाहा (नेपाल) और 132 केवी रक्सौल (बिहार) – परवानिपुर (नेपाल) पर अधिक विद्युत निर्यात की उम्मीद है।

बांग्लादेश में भारत का बिजली निर्यात:

वर्तमान में, भारत ने बांग्लादेश में लगभग 600 मेगावाट बिजली का निर्यात किया है।

सितंबर, 2013 में बहामंपुर (भारत) और बिहारमारा (बांग्लादेश) के बीच प्रथम 400 किलोवाट क्रॉस-सीमा इंटरकनेक्शन शुरू करने के बाद निर्यात को और बढ़ावा मिला।

वर्ष 2017 दूसरा क्रॉस बॉर्डर शुरू करने के बाद भारत के सुरजीमनिनगर (त्रिपुरा) और दक्षिण कोमिला (बांग्लादेश) के बीच एक दूसरे का विद्युत निर्यात सम्बन्ध बढ़ा रहा है।

1980 के दशक में भारत ने अंतर्देशीय बिजली व्यापार शुरु किया जिसके तहत भारत भूटान से बिजली का आयात कर रहा था और आंशिक रूप से नेपाल और बांग्लादेश के साथ में अनुमान को बिजली निर्यात कर रहा था। पिछले कुछ दशक में भारत ने अपने विद्युत उत्पादन इकाइयों में भारी निवेश कर अपनी विद्युत कंपनियों को स्थानीय जरूरतों से अधिक विद्युत उत्पादन करने में सक्षम बनाया। जिसके परिणाम स्वरुप भारत नेपाल बांग्लादेश और म्यानमार का प्रमुख निर्यातक देश है।

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