स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम: प्रथम चरण

10 फरवरी 2017 को केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने महत्वकांक्षी “स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम” के प्रथम चरण का अनावरण किया.

इस कार्यक्रम के तहत कुल 400 “A1 श्रेणी” स्टेशनों में से कुल 23 रेलवे स्टेशन को चयनित किया गया है.

चयनित रेलवे स्टेशन: लोकमान्य तिलक, पुणे, विशाखापत्तनम, ठाणे, हावड़ा, फरीदाबाद, जम्मू तवी, कामाख्या, सिकंदराबाद, उदयपुर शहर, विजयवाड़ा, चेन्नई सेंट्रल, रांची, कोझीकोड, बैंगलोर कैंट, यशवंतपुर, भोपाल, मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली और इंदौर।

स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम मुख्य तथ्य:

  • यह विश्व का सबसे बड़ा रेलवे परागमन उन्मुख विकास कार्यक्रम है.
  • स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम भारतीय रेलवे इतिहास का सबसे बड़ा गैर किराया राजस्व सृजन कार्यक्रम है.
  • इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु एक निष्पक्ष बोली प्रणाली के माध्यम से सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल को उपयोग में लिया जाएगा.
  • इस कार्यक्रम हेतु केंद्र सरकार किसी भी तरह का वित्तीय खर्च वहन नहीं करेगी.
  • इस कार्यक्रम के तहत डेवलपर को रेलवे की खाली पड़ी जमीन वाणिज्यिक कार्य हेतु उपलब्ध कराई जाएगी.
  • इस कार्यक्रम के तहत डेवलपर को स्टेशन पर विकसित वाणिज्यिक संपत्तियों को 45 साल के पट्टे पर देने का अधिकार प्रदान किया जाएगा.
  • इस कार्यक्रम के तहत डेवलपर को स्टेशनों पर सुविधा स्वरूप: एस्केलेटर, लेफ्ट डिजिटल साइनेज, सेल्फ टिकट काउंटर, सामान्य स्क्रीनिंग मशीन और वाईफाई सुविधा उपलब्ध करानी होगी.

कार्यक्रम का महत्व:

  • “स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम” लगभग एक लाख करोड रुपए के निवेश को आकर्षित करेगा.
  • इस कार्यक्रम के तहत रेलवे को अन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रम हेतु 10,000 करोड़ों रुपए का अधिशेष लाभ प्राप्त होगा.
  • इस कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक शहरों और 16लाख यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी.

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