रक्षा खरीद संगठन: केंद्रीय रक्षा मंत्रालय

केंद्र सरकार रक्षा खरीद प्रक्रिया को तेज करने और वर्तमान रक्षा अधिग्रहण की लंबी और कठिन प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु एक नई “रक्षा खरीद संगठन” स्थापित करने की योजना बना रही है।

रक्षा खरीद संगठन, केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की एक संविधानिक इकाई होगी।

इसका मुख्य उद्देश्य रक्षा खरीद प्रक्रिया को एकीकृत करते हुए सरल व प्रभावी बनाना है।

रक्षा खरीद संगठन महत्वपूर्ण तथ्य:

यह संगठन “मेक इन इंडिया” के तहत देश में रक्षा जरूरतों के अनुसार रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

5 फरवरी 2017 को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ के पूर्व निर्देशक डॉ प्रीतम सिंह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने रक्षा खरीद प्रक्रिया को प्रभावी बनाने हेतु रक्षा खरीद संगठन की स्थापना की सिफारिश की थी।

11 फरवरी 2017 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली रक्षा मामलात कैबिनेट समिति ने रक्षा मंत्री के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि करते हुए इसे 500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2,000 करोड़ों रुपए कर दिया है।

इस प्रस्ताव स्वरूप 3000 करोड़ और इससे अधिक मूल्य के रक्षा सौदों को अनुमोदन के लिए रक्षा खरीद समिति के पास भेजा जाएगा।

रक्षा खरीद समिति के अध्यक्ष प्रधानमंत्री व अन्य 5 सदस्य केंद्रीय गृहमंत्री, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री होते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर रक्षा खरीद प्रक्रिया को सरल पारदर्शी और तेज बनाने हेतु संशोधन किए गए, किंतु कई संशोधन के उपरांत भी प्रक्रिया लंबी और जटिल बनी हुई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.