प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): महत्वपूर्ण तथ्य

21 फरवरी 2017 को आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत शहरी गरीबों को किफायती दर पर मकान के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को सहमति जारी किए। मंत्रालय ने इस योजना के तहत 90,095 शहरी मकानों के निर्माण हेतु कुल 5590 करोड़ रुपए के निवेश और 1,188 करोड रुपए की केंद्रीय सहायता को भी सहमति जारी की।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)

25 जून 2015 को आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2022 तक सस्ती दरों पर आवासीय मकानों का निर्माण किया जाएगा। यह योजना वर्ष 2022 तक आजादी के 75 साल पूर्ण होने के अवसर पर देश के सभी नागरिकों हेतु आवास की व्यवस्था की कल्पना को साकार करने के लिए तैयार की गई है।

इस योजना के तहत निम्नलिखित कार्य शहरी गरीबी आवासीय आवश्यकता को ध्यान में रखकर पूर्ण किए जाएंगे:

1. भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए निजी प्रवर्तकों के माध्यम से स्लमवासियों के लिए स्लम पुनर्वास कार्य किया जाएगा।

2. आवासीय मकानों पर कमजोर आर्थिक वर्ग के लिए किफायती दर के लोन पर सब्सिडी की व्यवस्था की जाएगी।

3. सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में किफायती आवास तैयार किए जाएंगे।

4. लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण के लिए सब्सिडी की व्यवस्था की जाएगी।

योजना के प्रमुख चरण:

प्रथम चरण के तहत अप्रैल 2015 से मार्च 2017 तक कुल शहरों को सम्मिलित किया जाएगा।

द्वितीय चरण के तहत 200 शहरों को अप्रैल 2017 से मार्च 2019 तक सम्मिलित करना प्रस्तावित है।

तृतीय चरण के तहत अप्रैल 2019 से मार्च 2022 तक शेष बचे 200 शहरों को इस योजना में शामिल किया जाएगा।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार आवासीय ऋण पर ऋण की तारीख से अग्रिम 15 वर्षों तक लाभार्थी को 6.5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी प्रदान करेगी।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार सभी लाभार्थियों को 1 लाख रुपए का अनुदान प्रदान करेगी।

इस योजना के तहत 1.5 लाख रूपए सभी पात्र शहरी गरीबों को अपने मकान के निर्माण या अपने मौजूदा मकानों के नवीनीकरण के लिए प्रदान किए जाएंगे।

इस योजना के तहत लाभार्थी मौजूदा घर में शौचालयों के निर्माण के लिए ऋण व्यवस्था का लाभ प्राप्त कर सकता है।

केंद्र सरकार ने शहरी गरीबों हेतु कुल 16,51,687 सस्ते मकानों के निर्माण हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुल 89,072 करोड़ों रुपए के निवेश और 25,819 करोड़ों रुपए की केंद्रीय सहायता को मंजूरी दे रखी है।

आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय

यह मंत्रालय भारत सरकार के शहरी गरीबी, आवास और रोजगार कार्यक्रमों के लिए उत्तरदाई एजेंसी है।

इस मंत्रालय की स्थापना 27 मई 2004 को शहरी विकास मंत्रालय के विभाजन स्वरूप की गई थी।

भारतीय संविधान के अनुसार आवास और राज्य के शहरी विकास की पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकारों को प्राप्त है।

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