भारत और पाकिस्तान ने परमाणु स्थलों की सूचना का आदान प्रदान किया

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1 जनवरी 2017 को भारत और पाकिस्तान ने युद्ध की स्थिति के दौरान परमाणु सुविधाओं पर हमला ना करने की प्रतिबद्धता जताते हुए एक दूसरे के साथ परमाणु स्थलों की सूचियों का आदान-प्रदान किया। 21 फरवरी 2017 को भारत ने पाकिस्तान के साथ परमाणु हथियार संबंधित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने वाले प्रोहिबिशन ऑफ अटैक अगेंस्ट न्युक्लियर इंस्टॉलेशन पर 5 वर्षीय विस्तार समझौते पर सहमति जारी की।

महत्वपूर्ण तथ्य

31 दिसंबर 1988 को भारत और पाकिस्तान ने प्रोहिबिशन ऑफ अटैक अगेंस्ट न्युक्लियर इंस्टॉलेशन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

भारत और पाकिस्तान ने पहली बार 1 जनवरी 1992 को प्रोहिबिशन ऑफ अटैक अगेंस्ट न्यूक्लीयर इंस्टॉलेशन के तहत सूचियों का आदान प्रदान किया था। इस समझौते के अंतर्गत दोनों देश प्रतिवर्ष 1 जनवरी को एक दूसरे के साथ अपने परमाणु स्थलों की सूचियों का आदान प्रदान करते हैं।

इन सूचियों का आदान-प्रदान नई दिल्ली और इस्लामाबाद में स्थित राजनयिक चैनलों के माध्यम से किया जाता है। इस समझौते पर तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे।

21 मई 2008 को इस समझौते में आंशिक परिवर्तन किया गया। जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को अपने देश की जेलों में बंद एक दूसरे के नागरिकों/कैदियों की सूची का भी आदान प्रदान किया जाता है। भारत मानवीय मूल्यों के आधार पर भारतीय जेल में बंद पाकिस्तानी कैदियों और मछुआरों से संबंधित समस्त जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।