नमामि गंगे परियोजना के तहत हरिद्वार, वाराणसी में नए कार्य स्वीकृत

[the_ad id=”2408″]

हरिद्वार और वाराणसी में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत कई नई परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा अनुमोदित किया गया है।

नई परियोजनाओं के तहत हरिद्वार में 68 एमएलडी सिवरेज उपचार संयंत्र को 110.30 करोड़ और सराय में 14 एमएलडी सीवेज उपचार संयंत्र हेतु कुल 25 करोड रुपए को पीपीपी मोड के तहत अनुमोदित किया गया है।

इसके अतिरिक्त जगजीतपुर स्थित 27 एमएलडी संयंत्र की तृतीय इकाई हेतु 8.34 करोड रुपए जबकि सराय स्थित मौजूदा 18 एमएलडी संयंत्र हेतु 5.32 करोड रुपए आवंटित किए गए हैं।

नमामि गंगे कार्यक्रम के महत्वपूर्ण तथ्य

नमामि गंगे कार्यक्रम एक मिशन की तरह गंगा नदी की सफाई के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल राज्यों को प्रभावी तरीके से शामिल किया गया है।

इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य नदी तल की सफाई, सीवरेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर जैव विविधता, नवीनीकरण और सार्वजनिक जागरुकता को बढ़ावा देना है।

इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन हेतु तीन स्तरीय तंत्र विकसित किए गए (a) राष्ट्रीय स्तर पर कैबिनेट सचिव (b) राज्य स्तर पर राज्य मुख्य सचिव (c) जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट संबंधित समितियों की अध्यक्षता करेंगे।

यह कार्यक्रम केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न मंत्रालय एजेंसीयों के बीच बेहतर समन्वय तंत्र पर जोर देता है।