केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की नई बाधा

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केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना, एक अंतर्राज्य नदी जोड़ परियोजना है। जिसके क्रियान्वयन हेतु 10,000 करोड रुपए का खर्च अनुमानित है। वित्त पोषण पर अस्पष्टता से इस परियोजना की क्रियान्विति में परिवर्तन संभव है।

केन-बेतवा नदी जल परियोजना के वित्तपोषण से संबंधित नई बाधा सामने आई है। हमें ध्यान देना चाहिए कि नीति आयोग ने इस परियोजना के वित्त पोषण हेतु केंद्र सरकार से 60% योगदान और मध्य प्रदेश राज्य सरकार से 40% योगदान की सिफारिश की थी। केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय में नीति आयोग की सिफारिशों के विपरीत केंद्र सरकार से इस परियोजना के क्रियान्वयन हेतु 90% लागत मूल्य का योगदान देने की सिफारिश की है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने अगस्त 2016 में ही इस परियोजना की क्रियान्वयन हेतु सहमति जारी कर दी थी।

महत्वपूर्ण तथ्य

केन-बेतवा नदी परियोजना, मध्य भारत की एक महत्वकांशी राष्ट्रीय नदी जोड़ परियोजना है। उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश सरकार एक ऐतिहासिक समझौते के तहत केन और बेतवा नदियों को जोड़ने पर सहमत है।

केन-बेतवा परियोजना के तहत कुल 230 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा। जिस पर श्रंखलाबद्ध बांधों के निर्माण से मध्य प्रदेश के 3.5 लाख हैक्टेयर और बुंदेलखंड के 14,000 हेक्टेयर जमीन पर सिचाई की जाएगी।

केन-बेतवा परियोजना के तहत कुल 77 मीटर ऊंचे Makodia और Dhaudhan बांधों का निर्माण किया जाएगा, जिसके फलस्वरुप पन्ना टाइगर रिजर्व की कुल 5803 हेक्टेयर भूमि (10% क्षेत्र) जलमग्न हो जाएगी।

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