Parker Solar Probe

पार्कर सौर जांच सूर्य के बाहरी कोरोना की जांच करने के लिए एक योजनाबद्ध नासा रोबोट अंतरिक्ष यान है। जिसे सौर जांच प्लस नाम से भी जाना जाता है।
यह अंतरिक्ष यान सूर्य के ‘सतह’ (फोटोज़्हेयर) से 8.5 सौर त्रिज्या (5.9 मिलियन किलोमीटर) के भीतर पहुंच जाएगा।
यह अंतरिक्ष यान जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय की एप्लाइड फिज़िक्स लैबोरेटरी द्वारा निर्मित किया जा रहा है।
इस मिशन की सफलता हेतु डेल्टा IV भारी लॉन्च वाहन उपयोग में लिया जाएगा, जो इसे सबसे तेज अंतरिक्ष यान मिशन बना देगा।
इस अंतरिक्ष यान का नाम सोलर एस्ट्रोफिजिकिस्ट यूजीन पार्कर के नाम पर रखा गया है। यह प्रथम अवसर है जब नासा द्वारा किसी जीवित व्यक्ति (वैज्ञानिक) के नाम पर किसी अंतरिक्ष यान का नाम रखा गया।
यह अंतरिक्ष यान शुक्र ग्रह के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग कर सूर्य के लगभग 8.5 सौर त्रिज्या के भीतर तक अपनी पहुंच बनाएगा।
यह अंतरिक्ष यान सूर्य की ऊष्मा के प्रभाव को कम करने के लिए प्रबलित कार्बन-कार्बन कम्पोजिट द्वारा निर्मित किया जाएगा।
यह अंतरिक्ष यान संचालन हेतु सौर पैनलों की दोहरी प्रणाली का उपयोग करेगा।
यह अंतरिक्ष यान सूर्य के निकटतम पहुंचने पर 200 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति प्राप्त करेगा। जो इसे मानव निर्मित किसी भी वस्तु की सर्वाधिक गति होगी।