देश के सबसे बड़े अस्थाई सोलर फोटोवोल्टिक प्लांट

12 मार्च 2017 को नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने केरल के कायाकुलम में देश के सबसे बड़े अस्थाई सोलर फोटोवोल्टिक प्लांट की स्थापना की. 100Kwp (किलोवाट पिक) क्षमता वाले सोलर फोटोवोल्टिक प्लांट की स्थापना राजीव गांधी संयुक्त चक्र पावर प्लांट में की गई है. हमें ध्यान देना चाहिए कि नवंबर 2016 में अदानी पावर द्वारा कामुती, तमिलनाडु में देश के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट (640 मेगावाट) की स्थापना की गई थी.

संयंत्र से संबंधित विवरण

• 100 kWp (किलोवाट पिक) फ्लोटिंग सौर फोटो वोल्टेइक प्लांट, भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा है।
• यह फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म, केन्द्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईपीईटी), चेन्नई के सहयोग से एनईटीआरए (एनटीपीसी एनर्जी टेक्नोलॉजी रिसर्च एलायंस) द्वारा स्वदेशी तौर पर विकसित किया गया है।
• यह सिस्टम 22 दिनों के कम समय में एनटीपीसी कयाकुलुलम स्टेशन के समर्थन के साथ, स्विफ्ट एनर्जी सिस्टम्स लिमिटेड, चेन्नई द्वारा स्थापित किया गया है।

भारत के लिए फ़्लोटिंग सौर पीवी प्लांट की प्रासंगिकता

• फ़्लोटिंग सौर फोटो वोल्टेइक(PV) प्लांट सिस्टम तेजी से पारंपरिक जमीनी फोटो वोल्टेइक सिस्टम के विकल्प के रूप में उभर रहा हैं।
• यह सिस्टम पैनलों पर शीतलन प्रभाव के कारण वाष्पीकरण की प्रक्रिया को कम कर देता है जो पानी के संरक्षण में सहायक है।
• जल निकायों की बहुतायत के कारण भारत में ऐसे प्रकार की प्रणालियों की स्थापना क्षमता बहुत बड़ी है।
• प्रचुर मात्रा में जल निकायों की उपलब्धता के कारण, इस प्रकार की प्रणाली की केरल में एक बड़ी संभावना है।
• एनटीपीसी ने मेगावाट स्तरीय स्थापना के लिए, इस प्रकार के सिस्टम को स्केल करने पर पहले ही काम करना शुरू कर दिया है।

एनटीपीसी लिमिटेड के बारे में

एनटीपीसी भारत का सबसे बड़ा ऊर्जा समूह है, जो भारत में ऊर्जा उत्पादन हेतु वर्ष 1975 में स्थापित किया गया था।
• वर्तमान समय में एनटीपीसी जीवाश्म ईंधन, जल, परमाणु और अक्षय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से बिजली पैदा करने में कामयाब रहा है।
• एनटीपीसी भारत में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करके कार्बन पदचिह्न को कम करने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।

भारतीय सौर ऊर्जा परियोजनाओं का दोहरीकरण

23 फरवरी 2017 को भारतीय सौर ऊर्जा निगम की सिफारिशों पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने भारत के वर्तमान सौर ऊर्जा पार्कों की विद्युत क्षमता 20 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 40 हजार मेगावाट करने पर सहमति जारी की। यह सहमति संबंधित राज्य सरकारों द्वारा सौर पार्कों की मांग पर विचार के उपरांत जारी की गई।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम, नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में इस योजना का क्रियांवयन करेगी, साथ ही अनुदान राशि जारी करने का भी कार्य करेगी।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम:

भारतीय सौर ऊर्जा निगम की स्थापना वर्ष 2011 में कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के तहत की गई थी।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में कार्यरत एक सार्वजनिक इकाई है।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम देश में सौर ऊर्जा संबंधित योजना के अनुमोदन का कार्य करती है।

महत्वपूर्ण तथ्य:

केंद्रीय योजना के तहत 500 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर पार्क को प्रत्येक राज्य में स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

केंद्र सरकार देश में कम से कम 50 सोलर पार्क स्थापित करेगी, जिसके लिए सभी राज्य और संघ शासित प्रदेश लाभप्रद होंगे।

केंद्रीय योजना के तहत वर्ष 2019-20 तक कुल 8,100 करोड़ों रुपए की वित्तीय सहायता से देश में सौर पार्क और अल्ट्रा मेगा सौर विद्युत परियोजनाओं को स्थापित किया जाएगा।

इन योजनाओं के परिचालन के उपरांत प्रतिवर्ष कुल 64 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन होगा. जिससे प्रतिवर्ष करीब 55 लाख टन CO2 के उत्सर्जन में कमी आएगी।

यह योजना देश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा में योगदान के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी कर पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में भी सहयोग प्रदान करेगी।

यह योजना देश में औद्योगिक उपकरण, धातु, और सौर ऊर्जा संबंधित उद्योग क्षेत्र में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी।

इस योजना के तहत सोलर पार्क संबंधित राज्य या संघ राज्य सरकार के सहयोग से विकसित किया जाएगा। संबंधित राज्य सरकार सोलर पार्क के लिए सौर ऊर्जा पार्क डेवलपर का चयन कर उसकी रखरखाव सुनिश्चित करेगी।