भारतमाला: सड़क परिवहन मंत्रालय परियोजना

भारतमाला केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय की एक महत्वकांक्षी राजमार्ग परियोजना है। इस परियोजना के अंतर्गत 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश अनुमानित है। यह योजना वर्तमान परिपेक्ष्य में भारत की सबसे बड़ी सरकारी सड़क निर्माण योजना है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार वर्ष 1998 में अटल बिहारी वाजपेई द्वारा प्रस्तावित सभी राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजनाओं और मौजूदा राजमार्ग परियोजनाओं को संचालित करेगी।

भारतमाला योजना के महत्वपूर्ण तथ्य:

यह योजना गुजरात और राजस्थान में प्रारंभ की जाएगी। जिसके उपरांत यह पंजाब और सभी हिमालयी राज्यों – जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड – और तराई के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमाओं और पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर और मिजोरम में भारत-म्यांमार की सीमा तक को कवर करेगी। इस योजना के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों सहित दूरदराज के ग्रामीण इलाकों को सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

इस योजना के अंतर्गत कुल 51000 किलोमीटर लंबी सड़क परिवहन व्यवस्था संचालित की जाएगी।
जिसके प्रथम चरण में 29000 किलोमीटर लंबा सड़क परिवहन तकरीबन 5.5 खरब रुपए के परिवेश से तैयार किया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को तेजी से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की निर्माण लागत के साथ राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी देने की शक्ति मिल जाएगी।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बनने वाले 29000 किलोमीटर लंबे नए राजमार्ग को भास्करचार्य इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन और भू-सूचना विज्ञान अपनी सेवाएं प्रदान करेगा।