ट्रांस प्रशांत साझेदारी समझौता: महत्वपूर्ण तथ्य

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ट्रांस प्रशांत साझेदारी समझौता फरवरी 2016 में विश्व के आर्थिक उत्पादन का लगभग 40% प्रतिनिधित्व करने वाले 12 प्रशांत महासागरीय देशों द्वारा किया गया। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य इन सभी 12 देशों के बीच आर्थिक संबंधों, व्यापार शुल्कों में कमी और आवश्यकता अनुसार मांग की वृद्धि को बढ़ावा देना है। यह साझेदारी समझौता यूरोपियन संघ की तर्ज पर एक नए एकल बाजार के रूप में तैयार किया गया है।

TPP

ट्रांस प्रशांत साझेदारी समझौते के महत्वपूर्ण तथ्य:

सदस्य देश: जापान, मलेशिया, वियतनाम, सिंगापुर, ब्रुनई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, मेक्सिको, चिली और पेरू

ट्रांस प्रशांत साझेदारी समझौते के कुल 12 सदस्य देश है, जिनकी आबादी लगभग 800 मिलियन है, जो यूरोपियन संघ की आबादी से दुगनी है। साथ ही यह समूह विश्व व्यापार का 40% हिस्सेदार है।

इस साझेदारी स्वरूप अधिकांश माल और सेवाओं को शामिल किया गया, किंतु लंबे समय से आयात शुल्क संबंधी सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है। वर्तमान समझौते के अनुसार कुल 18000 वस्तुओं/ सेवाओं को इसमें शामिल किया गया है।

ट्रांस प्रशांत साझेदारी समझौते को प्रभावी बनाने हेतु वर्ष 2018 तक कम से कम 6 सदस्य देशों द्वारा मान्य होना चाहिए। वर्तमान समय में सिर्फ जापान ने इस समझौते के तहत सदस्य देश के रूप में अपनी पुष्टि की।