राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना

मार्च 2017 में विश्व बैंक ने भारत की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के लिए $ 175 मिलियन के ऋण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना देश में बाढ़ की भविष्यवाणी और आवर्ती बाढ़ और सूखे की कमजोरी को कम करने की क्षमता में सुधार के लिए प्रस्तावित है। यह ऋण 23 वर्ष की परिपक्वता अवधि के साथ अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (आईबीआरडी) द्वारा जारी किया गया है। इसमें छह साल का अनुग्रह अवधि भी है, जिसमें कोई ब्याज भुगतान नहीं होगा।

राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के महत्वपूर्ण तथ्य

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2016 में 3,690 करोड़ रूपए के कुल परिव्यय के साथ केंद्रीय योजना के रूप में राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना (एनएचपी) को मंजूरी दी थी। बाद में इसे विश्व बैंक बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया था।

केंद्र सरकार प्राप्त ऋण में से राष्ट्रीय निधि के लिए 3,640 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि शेष 39 करोड़ रुपये राष्ट्रीय जल सूचना केंद्र (एनडब्ल्यूआईसी) को राष्ट्रव्यापी जल संसाधनों के डेटा के भंडार के रूप में स्थापित करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों की जानकारी की सीमा, गुणवत्ता और पहुंच में सुधार करना है, साथ ही बाढ़ के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली और बेसिन स्तर संसाधन योजना और भारत में संस्थानों की क्षमता को मजबूत करना है।

इस परियोजना के तहत गंगा और ब्रह्मपुत्र-बराक घाटियों के साथ-साथ पूरे देश को कवर करके जल विज्ञान परियोजना- I और जल विज्ञान परियोजना -2 की सफलतापूर्वक आगे बढ़ाना है।

इस परियोजना से पूर्व जल विज्ञान परियोजना-1 और जल विज्ञान परियोजना- II केवल बड़े नदी प्रणालियों जैसे कृष्ण और सतलुज-ब्यास तक सीमित थी, जिसमें जलाशय प्रबंधकों को उनके क्षेत्र में जल स्थिति की एक सटीक तस्वीर देने के लिए वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली स्थापित की गई थी।

परियोजना से लाभ:

यह मौजूदा संस्थानों की क्षमता को पानी की स्थिति का आकलन करने और उन्हें पूरे देश में वास्तविक समय की बाढ़ की भविष्यवाणी प्रणालियों से लैस करने में सक्षम होगी।

यह योजना राज्यों को जल मौसम संबंधी चक्र के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर नजर रखने और पूर्व परियोजना संबंधी प्रक्रियाओं को अपनाने में सहायक होगी।

यह जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं के कारण बाढ़ और सूखे के खिलाफ तैयारी की योजना बनाने में मदद करेगा।