ब्लू क्रांति: मत्स्य फ़िंगरिंग

12 मार्च 2017 को केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने देश में मत्स्य पालन क्षेत्र में समग्र विकास और प्रबंधन को अधिक सक्षम बनाने हेतु एक नए कार्यक्रम का शुभारंभ किया.” ब्लू क्रांति” नामक इस कार्यक्रम के तहत देश में 520 करोड रुपए की लागत से मत्स्य फ़िंगरिंग (मछली का बच्चे) के उत्पादन को सुनिश्चित किया जाएगा. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मत्स्य फ़िंगरिंग से देश में वर्ष 2020-21 तक मत्स्य उत्पादन 10.79 एमएमटी (मिलियन मैट्रिक टन) से बढ़ाकर 15 एमएमटी करना है.

कार्यक्रम के मुख्य तथ्य:

• केंद्र सरकार ने देश में मत्स्य फ़िंगरिंग उत्पादन और मछली बीज की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए संभावित और अन्य प्रासंगिक कारकों के आधार पर 20 राज्यों की पहचान की है.
• इस कार्यक्रम के तहत देश में मछली उत्पादन को सुनिश्चित करने हेतु 426 करोड़ फ़िंगरिंग तालाब और हैचरी की स्थापना की जाएगी. जबकि चिंराट और केकड़े के लार्वा के उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए 25.50 करोड़ फ़िंगरिंग की स्थापना की जाएगी.
• इस कार्यक्रम के तहत देश में प्रतिवर्ष 20 लाख टन मछली उत्पादन संभव होगा, जिसे लगभग 4 मिलियन परिवारों को रोजगार प्राप्त होगा.
वर्तमान समय में देश में मत्स्य आवश्यकता स्टॉकिंग सुविधा के माध्यम से पूरी की जा रही है. मिशन फ़िंगरिंग के माध्यम से देश में स्टॉकिंग सामग्री (मत्स्य) की आवश्यकता को काफी हद तक सीमित किया जा सकेगा.

ब्लू क्रांति:

• ब्लू क्रांति का उद्देश्य एकीकृत दृष्टिकोण देश में मत्स्य पालन क्षेत्र में संभावित क्षमताओं को उजागर करते हुए नए संभावनाओं की पहचान करनी है.
• ब्लू क्रांति मछुआरों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए एकीकृत और समग्र विकास और मत्स्य पालन के प्रबंधन के लिए सक्षम वातावरण बनाने पर केंद्रित है।
• ब्लू क्रांति मछुआरो की आय में वृद्धि के लिए प्रौद्योगिकी के माध्यम से संसाधनों के प्रबंधन और समान अवसर के बुनियादी ढांचे पर जोर देती है.
• ब्लू क्रांति सर्वोत्तम वैश्विक नवाचारों को नियोजित करके और विभिन्न उत्पादन उन्मुख गतिविधियों के माध्यम से उच्च उत्पादन क्षमता हासिल करने के लिए मछुआरों को प्रोत्साहित करती है अर्थात उच्च गुणवत्ता वाले मछली बीज का उत्पादन.