वर्चुअल मुद्रा पर केंद्रीय अंतर अनुशासनात्मक समिति

13 अप्रैल 2017 को केंद्र सरकार ने वर्चुअल (आभासी) मुद्राओं (BITCOIN/बिटकॉइन) के संभावित दोषों से निपटने के लिए कार्ययोजना हेतु एक अंतर अनुशासनात्मक समिति का गठन किया। यह समिति 3 माह के भीतर आभासी मुद्राओं को नियंत्रित करने वाले मौजूदा ढांचे में नियमित अंतराल को ठीक करने पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

आभासी मुद्राओं के संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2013 और फरवरी 2017 में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संभावित वित्तीय, संचालन, कानूनी, ग्राहक संरक्षण और सुरक्षा संबंधी जोखिमों के बारे में आभासी मुद्राओं के उपयोगकर्ताओं, धारकों और व्यापारियों को चेतावनी दी थी।

समिति सदस्य:

इस नौ सदस्यीय अंतर अनुशासनात्मक समिति की अध्यक्षता आर्थिक मामलों के विभाग के विशेष सचिव दिनेश शर्मा करेंगे। समिति में आर्थिक मामलों के विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, राजस्व विभाग, गृह मंत्रालय, आईटी मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक, राष्ट्रीय भारतीय स्टेट बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों का भी प्रतिनिधि होगा।

यह समिति भारत और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आभासी मुद्राओं की वर्तमान स्थिति पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

यह समिति आभासी मुद्राओं को नियंत्रित करने वाले वर्तमान वैश्विक नियमक और कानूनी संरचनाओं पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

यह समिति उपभोक्ता संरक्षण, मनी लॉन्ड्रिंग इत्यादि सहित आभासी मुद्राओं से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए उपाय सुझाएगी।

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जापान ने आधिकारिक तौर पर बिटकॉइन को मुद्रा के रूप में मान्यता दी

जापान ने आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल, 2017 से बिटकॉइन और डिजिटल मुद्राओं को अन्य फाइनट्स मुद्राओं की तर्ज पर कानूनी धन के रूप में मान्यता दे दी है। बिटकॉइन मुद्रा जापान में बैंकिंग अधिनियम में संशोधन के उपरांत नए कानून के क्रियान्वयन के दौरान एक वैध मुद्रा के रूप में पेश हुई है. यह नियमक जांच के माध्यम से कानूनी बैंकिंग प्रणाली में डिजिटल मुद्रा के एकीकरण में मदद करेगी.

नए कानून के तहत सभी बैंकों और वित्तीय संस्थाओं में बिटकॉइन को डिजिटल मुद्रा के रूप में एक्सचेंज प्लेटफार्म पर माऩ्य माना जाएगा.

बिटकॉइन को प्रचलन में लेने वाले उपभोक्ताओं को वार्षिक लेखा परीक्षा के साथ सख्त एंटी मनी लॉन्ड्रिंग आवश्यक्ताओं को पूर्ण करना होगा.

बैंकिंग और वित्तीय संस्थाओं को उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए साइबर सुरक्षा आवश्यकताओं को पूर्ण करना होगा.

बैंकिंग अधिनियम डिजिटल मुद्रा को “मूल्य की संपत्ति” के रूप में भी प्रदर्शित करता है, जिसका अर्थ है कि डिजिटल मुद्रा को बाजार में भुगतान के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है और इसे खरीदा और बेचा भी जा सकता है.

बिटकॉइन के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:

बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा का रूप है. जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स रूप से निर्मित किया जाता है, जिसे केंद्रीय बैंक या सरकार द्वारा ही विनियमित किया जा सकता है.

बिटकॉइन को डॉलर या रुपए की तरह मुद्रित नहीं किया जाता है यह सॉफ्टवेयर के उपयोग द्वारा तेजी से व्यवसाय में उपयोग में ली जाती है.

इसे “क्रिप्टोकुरेंसी” भी कहा जाता है, क्योंकि यह विकेन्द्रीकृत है और दोहरे खर्च को रोकने के लिए क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करता है, क्रिप्टोग्राफी डिजिटल मुद्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।

बिटकॉइन की विनिमय दर एक स्टॉक मार्केट की तरह उतार-चढ़ाव यानी मांग पर आधारित होती है।

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