शाहपुर कंडी बांध परियोजना

6 मार्च 2017 को पंजाब और जम्मू कश्मीर सरकार शाहपुरकंडी बांध परियोजना से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक समझौते पर सहमत हुए।

यह रावी नदी जल परियोजना सिंधु जल संधि के तहत आती है, जिसके तहत भारत को संबंधित नदियों के पूर्वी क्षेत्र उपयोग में लेने में सहायता प्राप्त होती है।

पंजाब सरकार “शाहपुर कंडी बांध” के निकट “रणजीत सागर बांध/थीन बांध” के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा उपलब्ध कराएगा।

पंजाब सरकार थीन बांध से उत्पन्न 20% बिजली को जम्मू कश्मीर सरकार के साथ साझा करेगा, जिसके तहत जम्मू कश्मीर सरकार 3.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से भुगतान करेगी। संबंधित विद्युत दरें केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के अधीन होगी।

एक त्रिपक्षीय निगरानी टीम, केंद्रीय जल आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में कामकाज की देख रेख के लिए गठित की जाएगी।

शाहपुरा कंडी बांध परियोजना:

शाहपुरा कंडी बांध परियोजना का निर्माण मई 1999 में प्रारंभ किया गया था किंतु बाद में पंजाब और जम्मू कश्मीर के बीच विवाद की वजह से इसे वर्ष 2014 तक रोक दिया गया।

इस परियोजना के तहत 55.5 मीटर ऊंचा शाहपुरा कंडी बांध पंजाब के गुरदासपुर में बनाया जाएगा। यह बांध पंजाब के 5000 हेक्टेयर और जम्मू कश्मीर के 32,173 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगा।

केंद्र सरकार इस परियोजना के माध्यम से कुल 206 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्राप्त करेगी।

केंद्र सरकार ने इसे एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में मान्यता प्रदान करते हुए इसे 2285.81 करोड़ों रुपए का अनुमानित बजट प्रदान किया।

इस परियोजना के पूर्ण होने के उपरांत पंजाब सरकार इसे राज्य की अन्य परियोजना से जोड़ने का पूर्ण अधिकार रखेगी।