प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई परियोजना

8 अप्रैल 2017 को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई परियोजना (PMKSY) की निगरानी के लिए एक मॉनिटरिंग सिस्टम (MIS) का शुभारंभ किया। वर्तमान समय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति, परियोजना के संसाधनों के आवंटन, अंतर-मंत्रिस्तरीय समन्वय, निगरानी और प्रदर्शन मूल्यांकन की देखरेख करती हैं।

मुख्य तथ्य:

नए मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत परियोजना के नोडल अधिकारियों को परियोजना के भौतिक और वित्तीय प्रगति को नियमित रूप से जानकारी उपलब्ध करानी होगी। यह मॉनिटरिंग सिस्टम परियोजना की प्रगति की तिमाही आधार पर तुलना करने की सुविधा प्रदान करता है और परियोजना की प्रगति को प्रभावित करने वाली बाधाओं का विवरण भी प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य:

इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर सिंचाई में निवेश को आकर्षित करना है। साथ ही खेती योग्य क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाते हुए पानी की बर्बादी को कम करना, खेत में पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार लाना और अन्य जल बचत प्रौद्योगिकी की सहायता से जल भंडारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। यह योजना शहरी कृषि के लिए नगरपालिका अपशिष्ट जल का पुनर उपयोग कर सिंचाई क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने का एक प्रयास है।

योजना का कार्यान्वयन:

यह योजना कृषि मंत्रालय, जल संसाधन और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लागू की जाएगी।
इस परियोजना के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय मुख्य रूप से वर्षा जल संरक्षण, खेत के तालाब का निर्माण, जल संचयन संरचनाएं, छोटे चेक बांध और समोच्च बांधने आदि का कार्य करवाएगा।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय कुशल जलवाहक और जल प्रबंधन उपकरणों पर सब्सिडी उपलब्ध कराकर सूक्ष्म सिंचाई संरचनाओं के निर्माण के लिए वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान करेगा।