सिक्किम विधानसभा में आदिवासियों के लिए पांच अतिरिक्त सीटे

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने सिक्किम विधानसभा में आदिवासियों के लिए पांच अतिरिक्त सीटों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इन प्रस्तावित अतिरिक्त आठ सीटों में से पांच सीट लिम्बु और तमांग जनजातियों के लिए आरक्षित की जाएगी।

वर्तमान में सिक्किम विधानसभा में 32 सदस्य हैं, जिसे बढ़ाकर 40 कर दिया जाएगा। एसटी के लिए आरक्षित सीटें 12 से बढ़ाकर 17 कर दी गई हैं।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के मुख्य तथ्य:

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 338 में संशोधन (89 वें संशोधन) के उपरांत नए अनुच्छेद 338 के तहत की गई थी। इस संशोधन के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग को दो अलग-अलग आयोगों (i) अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय आयोग (एनसीएससी), और (ii) अनुसूचित जनजाति के राष्ट्रीय आयोग (एनसीएसटी) में बांट दिया गया।

यह अनुच्छेद अध्यक्ष उपाध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य के पद के कार्यकाल की समय सीमा (3 वर्ष) तय करता है।

यह अनुच्छेद अध्यक्ष को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री उपाध्यक्ष को राज्यमंत्री और अन्य सदस्यों को भारत सरकार के सचिव के समतुल्य अधिकार प्रदान करता है।

यह आयोग संविधान के तहत अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा करने, जांच करने और निगरानी रखने का अधिकार रखता है।

यह आयोग प्रतिवर्ष अनुसूचित जनजाति के कल्याण और सामाजिक आर्थिक विकास से संबंधित योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन संबंधी अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है।

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