बेट द्वारका दर्शन सर्किट: हृदय योजना

शहरी विकास मंत्रालय ने विरासत शहर विकास और संवर्धन योजना (हृदय) के तहत गुजरात में 6 किमी लंबी बेट द्वारका दर्शन सर्किट के विकास को मंजूरी दे दी। इस संबंध में निर्णय शहरी विकास सचिव की अध्यक्षता में हृदय राष्ट्रीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में लिया गया।

इस योजना के तहत प्रसिद्ध द्वारिकाधीश हवेली और हनुमान दांडी (केवल हनुमान आवास मंदिर) गुजरात के द्वारका जिले को जोड़ा जाएगा।

इस योजना का लागत मूल्य 16.27 करोड़ों रुपए है।

इस योजना के तहत दो प्रमुख जल निकायों शंकुधर झील और रणछोड़ तालाब का पुनरुद्धार भी किया जाएगा।

ह्रदय योजना के महत्वपूर्ण तथ्य:

हृदय योजना जनवरी 2015 में देश के प्रमुख विरासत शहरों के समग्र विकास पर ध्यान देने के लिए प्रारंभ की गई थी।

हृदय योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर के विरासत शहरों को पुनर्जीवित कर उन्हें संरक्षण प्रदान करना है, साथ ही यह योजना संबंधित शहरों को पर्यटन के अनुसार सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हुए उनके अद्वितीय चरित्र को प्रतिबिंबित करने का एक प्रयास है।

हृदय योजना के तहत संबंधित राज्य सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित विरासत स्थलों को शहरी बुनियादी ढांचे के पुनरुद्धार कार्यक्रम में शामिल कर उन्हें विकसित किया जाएगा।

इस योजना के तहत प्रस्तावित क्षेत्र में जलापूर्ति, स्वच्छता, जल निकासी, अपशिष्ट प्रबंधन, बिजली के तार, स्ट्रीट लाइट, बागवानी और नागरिक सेवा सुधार व्यवस्थाओं को सुचारु और प्रभावी बनाया जाएगा।

वर्तमान समय में इस योजना के तहत 12 प्रमुख विरासत शहर अजमेर, अमरावती, अमृतसर, द्वारका, बादामी, गया, मथुरा, पुरी, कांचीपुरम, वाराणसी, वेलनकन्नी और वारंगल को शामिल किया गया है।

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भारतीय सौर ऊर्जा परियोजनाओं का दोहरीकरण

23 फरवरी 2017 को भारतीय सौर ऊर्जा निगम की सिफारिशों पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने भारत के वर्तमान सौर ऊर्जा पार्कों की विद्युत क्षमता 20 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 40 हजार मेगावाट करने पर सहमति जारी की। यह सहमति संबंधित राज्य सरकारों द्वारा सौर पार्कों की मांग पर विचार के उपरांत जारी की गई।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम, नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में इस योजना का क्रियांवयन करेगी, साथ ही अनुदान राशि जारी करने का भी कार्य करेगी।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम:

भारतीय सौर ऊर्जा निगम की स्थापना वर्ष 2011 में कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के तहत की गई थी।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में कार्यरत एक सार्वजनिक इकाई है।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम देश में सौर ऊर्जा संबंधित योजना के अनुमोदन का कार्य करती है।

महत्वपूर्ण तथ्य:

केंद्रीय योजना के तहत 500 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर पार्क को प्रत्येक राज्य में स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

केंद्र सरकार देश में कम से कम 50 सोलर पार्क स्थापित करेगी, जिसके लिए सभी राज्य और संघ शासित प्रदेश लाभप्रद होंगे।

केंद्रीय योजना के तहत वर्ष 2019-20 तक कुल 8,100 करोड़ों रुपए की वित्तीय सहायता से देश में सौर पार्क और अल्ट्रा मेगा सौर विद्युत परियोजनाओं को स्थापित किया जाएगा।

इन योजनाओं के परिचालन के उपरांत प्रतिवर्ष कुल 64 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन होगा. जिससे प्रतिवर्ष करीब 55 लाख टन CO2 के उत्सर्जन में कमी आएगी।

यह योजना देश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा में योगदान के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी कर पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में भी सहयोग प्रदान करेगी।

यह योजना देश में औद्योगिक उपकरण, धातु, और सौर ऊर्जा संबंधित उद्योग क्षेत्र में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी।

इस योजना के तहत सोलर पार्क संबंधित राज्य या संघ राज्य सरकार के सहयोग से विकसित किया जाएगा। संबंधित राज्य सरकार सोलर पार्क के लिए सौर ऊर्जा पार्क डेवलपर का चयन कर उसकी रखरखाव सुनिश्चित करेगी।

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