Current Affairs April 28, 2018

Current-Affairs-April-28-2018

Current Affairs April 28, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

विशिष्ट पहचान संख्या: विदेशी राजनयिक संगठनों हेतु आवश्यक

हाल ही में विदेशी राजनयिक संगठनों द्वारा दूतावासों और संगठनों को बिक्री करते समय संबंधित आपूर्तिकर्ता द्वारा विशिष्ट पहचान संख्या को दर्ज करने में आनाकानी की शिकायतें की गई है।
इस क्रम में केंद्र सरकार ने समस्त आपूर्तिकर्ताओं के लिए विशिष्ट पहचान संख्या को दर्ज करने की अधिसूचना को प्रकाशित किया।
विशिष्ट पहचान संख्या 15 अंकों की एक अनूठी संख्या है, जिसे संयुक्त राष्ट्र संगठन के किसी भी विशेष एजेंसी अथवा संयुक्‍त राष्‍ट्र (विशेषाधिकार एवं प्रतिरक्षा) अधिनियम, 1947 के तहत अधिसूचित बहुपक्षीय वित्‍तीय संस्‍थान एवं संगठन, विभिन्‍न देशों के दूतावास अथवा वाणिज्‍य दूतावास को आवंटित किया जाता है।
आपूर्तिकर्ताओं द्वारा इस तरह की आपूर्ति करते वक्‍त विशिष्ट पहचान संख्या को दर्ज करने से विदेशी राजनयिक मिशन/संयुक्‍त राष्‍ट्र के संगठन भारत में अपने द्वारा अदा किए गए करों के रिफंड का दावा करने में समर्थ हो सकेंगे।

Source: PIB


देश के प्रथम “वन धन विकास केंद्र” की बीजापुर, छत्तीसगढ़ में स्थापना

केंद्रीय जनजातीय मामलात मंत्रालय ने बीजापुर, छत्तीसगढ़ में देश के प्रथम “वन धन विकास केंद्र” की स्थापना संबंधी प्रस्ताव को सहमति प्रदान की।

इस विकास केंद्र का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में वन उत्पादन की दर को बढ़ाना है।

यह योजना जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए तैयार की गई है, जिनके लिए माइनर फॉरेस्ट प्रोडक्शन (MFP) एकत्रित करना आजीविका का प्रमुख स्रोत है।

वन धन विकास केंद्र, केंद्र सरकार की “न्यूनतम सहायता मूल्य” के माध्यम से MFP के लिए मूल्य श्रृंखला को विकसित करेगी और लघु वन उत्पादन विपणन के लिए आवश्यक तंत्र का गठन भी करेगी।

लघु वन उत्पादन विपणन के लिए क्षेत्र के नागरिकों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें महुआ के फूलों और चिरंजीवी की पैकेजिंग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

Source: PIB


5. BharatNet प्रथम चरण कार्यान्वयन

राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (BharatNet) ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड क्रांति को ट्रिगर करने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य देश में सभी 2,50,000 ग्राम पंचायतों को जोड़ने और सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) को 100 एमबीपीएस कनेक्टिविटी प्रदान करना है। 31 दिसंबर 2017 को केंद्रीय दूरसंचार विभाग में एक निर्धारित समय सीमा पर उच्च गति ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से देश के एक लाख ग्राम पंचायतों को जोड़कर BharatNet प्रथम चरण के तहत एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया। इस परियोजना के प्रथम चरण के तहत तकरीबन 2.5 मिलियन से अधिक गांव में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

BharatNet को विश्व के सबसे बड़े ग्रामीण ब्रॉडबैंड परियोजना के रूप में संचालित कर केंद्र सरकार देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में बड़े रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी। जिसका वित्तपोषण यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (Universal service Obligation Fund) द्वारा किया जा रहा है।

BharatNet के प्रथम चरण में बेहतर प्रदर्शन के लिए यूपी (पूर्व), महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड राज्यों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में चयनित किया गया है। जबकि कर्नाटक को BharatNet का सर्वश्रेष्ठ उपयोगकर्ता राज्य चुना गया है।

BharatNet परियोजना संबंधित मुख्य तथ्य:
स्थापना: 2017
ब्रॉडबैंड स्पीड: 2-20 MBPS
वित्त पोषित: यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड

Seema Charan

I am a House wife & I love to post Current Affairs Article & Objective Question Answers of GK in Hindi for Students. Hope You Like it. Don't Forget to Share Them.