Current Affairs March 24, 2018

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Current Affairs March 24, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

क्रेम पुरी: विश्व की सबसे लंबी रेतीली गुफा की खोज

मेघालय के पूर्वी खासी पहाड़ी जिले के मौसिन्राम इलाके में लातसोम गांव के पास, क्रेम पुरी नाम की दुनिया की सबसे लंबी बलुआ पत्थर गुफा का पता चला। यह गुफा यह गुफा 24,583 मीटर (24.5 किलोमीटर) लंबी है। वैज्ञानिकों के अनुसार क्रेम पुरी गुफा प्रणाली में 66-75 मिलियन वर्ष पूर्व के डायनासोर जीवाश्म स्थित है।

इस गुफा की खोज सर्वप्रथम वर्ष 2016 में की गई थी, जिसे हाल ही में मेघालय एडवेंचर एसोसिएशन द्वारा मापा गया है। यह गुफा वेनेजुएला स्थित विश्व की सबसे लंबी 6000 मीटर लंबी गुफा से 4 गुना बढ़ी है।

हमें ध्यान देना चाहिए कि वर्तमान समय में भारत की दूसरी सबसे लंबी गुफा चूना पत्थर क्राम लीट प्रेह-उमिम-लैबिट प्रणाली के तहत जेनेटिया हिल्स, मेघालय में 31 किमी से अधिक की दूरी पर स्थित है।

Source: NorthEastToday


इसरो-भेल अंतरिक्ष ग्रेड लिथियम आयन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता किया। इस समझौते के तहत स्पेस ग्रेड लिथियम आयन निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी स्थानांतरण किया जा सकेगा। इस प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के उपरांत भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए आवश्यक स्पेस ग्रेड लिथियम आयन निर्माण में सक्षम हो सकेगी।

हमें ध्यान देना चाहिए कि इसरो लिथियम आयन बैटरी का उपयोग उपग्रह और प्रक्षेपण वाहन के अनुप्रयोगों के लिए बिजली स्रोतों के रूप में करता है, क्योंकि उनकी उच्च ऊर्जा घनत्व, विश्वसनीयता और लंबी चक्र जीवन के कारण। इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र ने तिरुवनंतपुरम में अंतरिक्ष ग्रेड ली-आयन सेल का निर्माण करने के लिए सफलतापूर्वक तकनीक विकसित की है।

लिथियम-आयन बैटरी या ली-आयन बैटरी में रिचार्जेबल बैटरी का प्रकार होता है जिसमें कई कोशिकाएं होती हैं। प्रत्येक कोशिका में कैथोड, एनोड और इलेक्ट्रोलाइट होते हैं।

Source: TheHindu


विश्व क्षय रोग दिवस: 24 मार्च

क्षय के वैश्विक महामारी और रोग को खत्म करने के प्रयासों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस आयोजन किया जाता है। 24 मार्च 1882 को जर्मन जीवविज्ञानी रॉबर्ट कोक द्वारा माइक्रो बैक्टीरिया ट्यूबरक्लोसिस की खोज की गई थी जिसके उपलक्ष्य पर विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिवर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस का आयोजन करता है। वर्ष 2018 में आयोजित विश्व क्षय रोग दिवस का विषय “Wanted: Leaders for a TB-free world” है।

टीबी जीवाणु “माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस” के कारण होने वाली बीमारी है जो फेफड़ों को अक्सर प्रभावित करती है। यह रोग व्यक्ति के माध्यम से हवा में फैलता है। यह आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता है। हमें ध्यान देना चाहिए कि क्षय रोग निदान विश्व स्वास्थ्य संगठन के आठ अधिकारिक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में से एक है।

Source: The Hindu


NAIPUNYA RATHAM: बहु उपयोगी वाहन

24 मार्च 2018 को आंध्र प्रदेश सरकार के दूरसंचार विभाग ने “NAIPUNYA RATHAM” नामक बहुउपयोगी वाहन की शुरुआत की। स्मार्ट गांव स्मार्ट वार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित NAIPUNYA RATHAM डिजिटल साक्षरता में सुधार लाने और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरुकता प्रदान करने का कार्य करेगी। इसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश के दूरदराज के किनारों में प्रौद्योगिकी और नवाचार करना है।

कंप्यूटर निर्माता HP और उद्यमिता विकास संस्थान के सहयोग से स्थापित NAIPUNYA RATHAM के प्रथम चरण के तहत 13 जिलों और 28 गांव को कवर किया जाएगा। इस योजना के द्वितीय चरण के तहत मई 2018 तक 12 नई NAIPUNYA RATHAM सेवा प्रारंभ की जाएगी। इस योजना के तहत एक 20 सीटर बस को स्मार्ट टेक्नोलॉजी गैजेट के साथ ई लर्निंग टूल्स जैसी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधा को प्रदर्शित करेगी।

Source: NewIndian Express


इसरो द्वारा चंद्रयान-2 प्रक्षेपण टाला गया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अप्रैल 2018 से अक्टूबर-नवंबर 2018 तक के लिए दूसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-2 को लॉन्च करने का निर्णय किया है। यह निर्णय विशेषज्ञों द्वारा और अधिक परीक्षणों को आयोजित करने के सुझाव के उपरांत लिया गया। यह मिशन जियो सिंक्रोनाइज सैटेलाइट लॉन्चिंग वाहन एम के-III द्वारा आयोजित किया जाएगा।

चंद्रयान 2 भारत के चंद्रमा का दूसरे मिशन है और पिछले चंद्रयान -1 मिशन (2008 में लॉन्च) का उन्नत संस्करण है। इसे इसरो द्वारा स्वदेशी तौर पर विकसित किया गया है। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर कॉन्फ़िगरेशन शामिल हैं। इस मिशन में, इसरो पहली बार चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर एक रोवर भूमि लगाने का प्रयास करेगा।

Source: Economic-Times

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Seema Charan

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