Current Affairs March 21, 2018

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Current Affairs March 21, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

सत्यपाल मलिक को ओडिशा के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार

20 मार्च 2018 को बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को ओडिशा के राज्यपाल के रूप में अतिरिक्त कार्यभार प्रदान किया गया। श्री सत्यपाल मलिक ओडिशा के वर्तमान राज्यपाल एससी जमीर का कार्यभार ग्रहण करेंगे। जिन्होंने हाल ही में अपनी 5 साल की कार्यकाल अवधि पूर्ण की।

राज्यपाल के संवैधानिक प्रावधान:

अनुच्छेद 153: इसके तहत भारत के प्रत्येक राज्य के लिए राज्यपाल होंगे। सातवें संवैधानिक संशोधन अधिनियम 1956 के तहत दो या दो से ज्यादा राज्यों के राज्यपाल के रूप में एक व्यक्ति की नियुक्ति की जा सकती है।

अनुच्छेद 156: समस्त भारतीय राज्य में राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और इसी अनुच्छेद में राज्यपाल के कार्यकाल का भी उल्लेख है।

भारतीय संविधान के अनुसार राज्यपाल 5 वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करता है लेकिन आमतौर पर यह राष्ट्रपति की अनुकंपा पर निर्भर करता है।

Source: Business-Standard


राष्ट्रीय सांस्कृतिक ऑडिओविज़ुअल आर्काइव

राष्ट्रीय सांस्कृतिक ऑडिओविज़ुअल अभिलेखागार (NCAA) संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की एक पहल है, जिसे इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स (आईजीएनसीए) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। एनसीएए का उद्देश्य डिजिटलीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से ऑडियोज़ीज़ुअल फॉर्म में उपलब्ध भारत की सांस्कृतिक विरासत को पहचानने और संरक्षित करना है।

मार्च 2018 के अंत तक, अप्रकाशित, गैर-वाणिज्यिक ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग के 30,000 घंटों का एक हिस्सा एनसीएए रिपॉजिटरी में ऑनलाइन बनाया जाएगा। एनसीएए डिजिटल रिपॉजिटरी DIGITĀLAYA द्वारा संचालित है, जिसे सी-डैक पुणे द्वारा विकसित किया गया है। वर्तमान में, 11 सरकारी और 10 गैर-सरकारी सांस्कृतिक संगठन एनसीएए की साझेदारी संस्थान हैं।

21 मार्च 2018 को यूनाइटेड किंगडम स्थित Primary Trustworthy Digital Repository Authorisation Body Ltd द्वारा राष्ट्रीय सांस्कृतिक ऑडियो-विजुअल अभिलेखागार को आईएसओ 16363: 2012 मानक के अनुसार विश्व की पहली ट्रस्टेड डिजिटल रिपॉजिटरी के रूप में प्रमाणित प्रदान की।

Source: PIB


झारखंड के देवघर जिले में प्लास्टिक पार्क की स्थापना

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय द्वारा झारखंड के देवघर जिले में प्लास्टिक पार्क स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव को सहमति प्रदान की गई। यह परियोजना 150 एकड़ क्षेत्र में 120 करोड़ों रुपए की लागत से स्थापित की जाएगी। इस परियोजना के अतिरिक्त देवघर जिले में प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना भी की जाएगी। यह प्लास्टिक पार्क पॉलीमर उत्पादों की श्रेणी का निर्माण करेगा, जिनमें बोरिया, फर्नीचर, पानी के टैंक, पानी बोतलें और मच्छरदानी जैसे संसाधन शामिल है।

यह परियोजना प्लास्टिक उद्योग के अतिरिक्त पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय जनसंख्या को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी। हमें ध्यान देना चाहिए कि वर्ष 2022 तक भारत में पॉलीमर खपत 10 लाख मेट्रिक टन से बढ़कर 20 लाख मैट्रिक टन हो जाएगी।

झारखंड के देवघर जिले में स्थापित प्लास्टिक पार्क रीसाइक्लिंग इकाई एक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करेगी जो प्लास्टिक उद्योग के भविष्य को ओर अधिक बेहतर बनाएगी।

Source: PIB


भारत और यूरोपीय संघ द्वारा पृथ्वी अवलोकन डाटा का साझा

भारत के अंतरिक्ष विभाग और यूरोपियन संघ ने पृथ्वी अवलोकन उपग्रह डेटा साझा करने से संबंधित सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य यूरोपियन संघ के सदस्य उपग्रहों और भारतीय अंतरिक्ष विभाग के धरती अवलोकन उपग्रह से प्राप्त डाटा का उपयोग कर आपसी सहयोग को ओर अधिक प्रबल करना है।

इस समझौते के तहत यूरोपियन संघ के कॉपरनिकस सेंटिनल उपग्रह डाटा को भारतीय अंतरिक्ष विभाग पूर्ण स्वतंत्रता के साथ उपयोग कर सकेगा। इस समझौते के तहत दोनों देश नागरिक उपग्रहों (Oceansat-2, Scatsat-1, Megha-Tropiques, SARAL, INSAT-3D, INSAT-3DR) के डाटा को आपस में साझा करेगा।

हमें ध्यान देना चाहिए कि कॉपरनिकस प्रोग्राम यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी का विश्व का सबसे बड़ा एकल पृथ्वी अवलोकन कार्यक्रम है इस कार्यक्रम का लक्ष्य वैश्विक, निरंतर, स्वायत्त, उच्च गुणवत्ता, विस्तृत रेंज पृथ्वी अवलोकन क्षमता हासिल करना है। यह जलवायु परिवर्तन, महासागर, भूमि और वातावरण की निगरानी के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान, प्रबंधन और शमन में सहायता जैसे विस्तृत आवेदन प्रदान करता है।

Source: The Hindu


“परमवीर परवाने” पुस्तक

20 मार्च 2018 को भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं पर आधारित ‘परमवीर परवाने‘ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक वर्ष 1947 से वर्ष 1965 तक के परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं की बहादुरी को दर्शाती है। यह पुस्तक डॉ प्रभात किरण जैन द्वारा लिखित और मेघा बुक्स द्वारा प्रकाशित की गई है। इस पुस्तक में 11 लघुकथा कविताएं और गाने है जो युद्ध के दौरान बहादुर सैनिकों के बलिदान को प्रदर्शित करती है।

इस पुस्तक के दूसरे चरण में वर्ष 1966 से 2018 तक के परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं की बहादुरी को वर्णित किया जाएगा। हमें ध्यान देना चाहिए कि बाल साहित्य के क्षेत्र में डॉक्टर प्रभात किरण का योगदान भारत भर के कई संस्थानों द्वारा मान्यता प्राप्त है डॉक्टर प्रभात किरण को तीन बार बाल साहित्य सम्मान और बाल और किशोर साहित्य सम्मान पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

Source: PIB

Seema Charan

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