Current Affairs January 19, 2018

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Current Affairs January 19, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

1. मैक्सिको में विश्व की सबसे बड़ी जलमग्न गुफा प्रणाली की खोज

ग्रेट माया एक्विफेर प्रोजेक्ट के साथ खोजकर्ता ने मेक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप पर पानी के नीचे की दो बड़े गुफाओं के बीच एक संबंध की खोज की। यह 215 मील लंबी भूमिगत भूलभुलैया है, और पृथ्वी पर सबसे बड़ी जलमग्न गुफा प्रणाली का निर्माण करती है।

यह गुफा एक भूगर्भीय गठन है जो पूर्व हिस्पैनिक पुरातात्विक स्थलों के साथ अज्ञात पौधे और पुष्पों से भरी हुई है, जिसके कारण यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण जलमग्न पुरातत्व स्थलों का प्रतिनिधित्व भी करती है।

पुरातात्विक के अनुसार बड़ी प्रणाली, छोटी प्रणाली को अवशोषित करती है और पूरे परिसर को सैक एक्टून (Sac Actun) नाम से जाना जाता है।
इस खोज से पूर्व सबसे बड़ी जलमग्न गुफा प्रणाली निकटतम, 168 मील की बेल बैल हा प्रणाली थी, इसके बाद सैक एक्टून, कोअल बाल और डॉस ओजोस सिस्टम शामिल थे।

इस अन्वेषण के दौरान शोधकर्ताओं ने भी Sac Actun के उत्तर में एक और नई प्रणाली की खोज की है। यह 65 फुट गहरी और 11 मील लंबी है।

Source: CNN

2. विश्व का सबसे बड़ा एयर प्यूरीफायर

शीआन, चीन में 100 मीटर ऊंचा वायु शुद्धीकरण टॉवर स्थापित किया गया है, जो वर्तमान परिपेक्ष्य में विश्व का सबसे बड़ा एयर प्यूरीफायर सिस्टम है।

यह एयर प्यूरीफायर सिस्टम शहर की हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार लाने के उद्देश्य से स्थापित प्रायोगिक कार्यक्रम है।

चीनी एकेडमी ऑफ साइंस के पृथ्वी पर्यावरण संस्थान के शोधकर्ताओं के मुताबिक यह एयर प्यूरीफायर टावर प्रतिदिन 10 मिलियन क्यूबिक मीटर (353 मिलियन क्यूबिक फीट) स्वच्छ हवा का उत्पादन करने में कामयाब रहा है।

यह एयर प्यूरीफायर टावर शहर के प्रमुख प्रदूषित क्षेत्र में स्थापित किया गया है, जहां प्रारंभिक चरणों में 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रदूषण स्तर को उच्च स्तर से मध्यम स्तर तक घटाने में सफलता प्राप्त की गई।

यह एयर प्यूरीफायर सिस्टम सौर ऊर्जा के माध्यम से गर्म हवा को कई scrubbing फिल्टर से निकाल कर पुनः वातावरण में छोड़ता है।

इस पद्धति से अपेक्षाकृत कम विद्युत प्रणाली का उपयोग कर हवा को साफ किया जा सकता है।

Source: ArchDaily 

3. डेटा संरक्षण फ्रेमवर्क

केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बी एन श्रीकृष्ण की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया।

इस दस सदस्यीय समिति में दूरसंचार विभाग (दूरसंचार विभाग), आईटी मंत्रालय, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और शैक्षणिक समुदाय के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

यह समिति अकादमिक और उद्योग जगत के सदस्यों द्वारा एकत्रित डाटा का अध्ययन करने और प्रमुख डेटा संरक्षण के मुद्दों की पहचान करने के तरीकों की सिफारिशें करेगी।

इस समिति द्वारा डेटा संरक्षण फ्रेमवर्क के तहत एक श्वेत पत्र प्रकाशित किया गया, जिसमें सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की गई है।

इस क्रम में समिति द्वारा मुंबई, नई दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु में परामर्श बैठक का आयोजन किया जाएगा।

इस बैठक में रुचि रखने वाले समस्त हितधारकों को संबंधित शहरों की तिथि समय और स्थान की जानकारी रखते हुए https://innovate.mygov.in पर बैठक के लिए पंजीकरण करना होगा।

हमें ध्यान देना चाहिए कि हाल ही में रिलायंस जियो, मैकडॉनल्ड्स और जमैटो जैसी एजेंसियों ने सरकारी एजेंसियों से 100 मिलियन से अधिक भारतीय नागरिकों के आधार और व्यक्तिगत डेटा लिंक होने की संभावनाएं व्यक्त की थी।

Source: PIB

4. ओडिशा में भारत की पहली स्वचालित प्रारंभिक चेतावनी प्रसार प्रणाली

भारत का प्रथम स्वचालित अर्ली वॉर्निंग डिसीनेशन सिस्टम (Early Warning Dissemination System (EWDS)) मार्च 2018 तक ओडिशा में शुरू होगा। इस परियोजना का उद्देश्य कम्युनिटी स्तर तक आपदा चेतावनी का प्रसार करने में मौजूदा अंतराल को दूर करने के लिए सरल संचार प्रणाली स्थापित करना है।

EWDS भारत में अपनी तरह की प्रथम स्वचालित सार्वजनिक चेतावनी प्रसार प्रणाली है।

यह परियोजना विश्व बैंक की आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चक्रवात जोखिम प्रबंधन परियोजना के तहत क्रियान्वित की जा रही है।

इस परियोजना के तहत ओडिशा के 480 किलोमीटर लंबी समुद्री तटवर्ती सीमा को सुनामी या चक्रवात जैसे प्राकृतिक आपदाओं की घटना की स्थिति में पूर्व-चेतावनी प्रसारित करने के लिए स्थापित किया जा रहा है।

इस परियोजना के तहत ओडिशा के क्षत्रिय जिलों में कुल 122 स्थानों पर स्थापित टावरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर सायरन के माध्यम से सुनामी और चक्रवात जैसी सूचनाओं का प्रसारण किया जाएगा। यह प्रमुख जिले हैं: बालासोरे, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगत्सिंगपुर, पुरी और गंजम.

EWDS की कार्यप्रणाली

ईडब्ल्यूडीएस में ऐसे कुछ डिवाइसेस शामिल हैं, जिनमें डिजिटल मोबाइल रेडियो (डीएमआर), सैटेलाइट-आधारित मोबाइल डाटा वॉयस टर्मिनल (एसबीएमडीवीटी), मास मैसेजिंग सिस्टम (एमएमएस) और यूनिवर्सल कम्युनिकेशन इंटरफेस (यूसीआई) जैसे विभिन्न संचारों के बीच अंतर-संचालन में मदद मिलती है।
Source: Map Of India

5. नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना

महाराष्ट्र सरकार कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी” नामक परियोजना राज्य के 15 जिलों के 5,142 गांव में लागू करेगी।

इस परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों में मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार लाकर खाद्यान्नों की किस्मों को विकसित करना है।

इस परियोजना के तहत जलवायु परिवर्तन को बनाए रखने में आवश्यक फसल पैटर्न में बदलाव लाकर पानी की उपलब्धता के अनुसार कृषि की जाएगी।

यह योजना छोटे और मध्यम स्तर के किसानों को कवर करेगी, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।

इस परियोजना की लागत का लगभग 70 प्रतिशत विश्व बैंक द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि राज्य छह वर्षों में 30 प्रतिशत योगदान करेगा।

Source: Economic Times

6. निर्माण संवाद/Nirman Samvaad

यह नई दिल्ली में आयोजित एक दिवसीय मेगा सम्मेलन है, जिसमें पहली बार रेल मंत्रालय और निर्माण उद्योग के बीच वार्ता आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम का आयोजन रेलवे विकास निगम लिमिटेड द्वारा किया गया।

यह कार्यक्रम महत्वकांक्षी रेलवे बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए संवाद का माध्यम बना।

इस कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य रेलवे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बाधाओं को दूर कर प्रक्रियाओं को सुगम बनाना था।

Source: PIB

7. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, भारत सरकार के स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित मातृत्व अभियान है।

इस कार्यक्रम के तहत प्रति माह की 9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्ता पूर्वक प्रसव पूर्व देखभाल की निशुल्क व्यवस्था प्रदान की जाती है।

इस कार्यक्रम में उच्च जोखिम वाले जटिल प्रसव की पहचान कर आवश्यक विशेषज्ञ सलाह के साथ मेडिकल सुविधा प्रदान की जाती है।

जनवरी माह के तीसरे सप्ताह में जारी आंकड़ों के अनुसार परियोजना में एक करोड़ से अधिक महिलाओं को जांच सुविधा प्रदान की गई, जिसके लिए 25 लाख से अधिक चेकअप केंद्र, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा चिन्हित उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में स्थापित किए गए हैं।

इस कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र में “Non-Empowered Action Group” के तहत सर्वाधिक चेकअप, जबकि राजस्थान में “Empowered Action Group States” के तहत सर्वाधिक चेकअप आयोजित किए गए।

Source: PIB

Seema Charan

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