Current Affairs January 13, 2018

Current-Affairs-January-13-2018

Current Affairs January 13, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

1. कर्नाटक में ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव -2018’ के 7वें संस्करण का आयोजन

विविधता में एकता के विचार को मनाने के लिए, संस्कृति मंत्रालय ने 14 जनवरी, 2018 को कर्नाटक में “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के 7 वें संस्करण का आयोजन किया। 31 अक्टूबर, 2016 को प्रधान मंत्री द्वारा विभिन्न राज्यों / संघ शासित प्रदेशों के लोगों के बीच पारस्परिक समझ और संबंध को बढ़ावा देने के लिए “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम शुरू किया गया था।

कर्नाटक में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के शास्त्रीय और लोक, संगीत और नृत्य, रंगमंच से साहित्य और दृश्य कला से कला रूपों की प्रचुरता को प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त कालबेलिया (राजस्थान), पाकू एटू (अरुणाचल प्रदेश), घोडे मोडनी (गोवा), सिद्दी धरल (गुजरात) नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी।

इस कार्यक्रम में हथकरघा और हस्तशिल्प उत्सव का आयोजन की प्रस्तावित है।
यह कार्यक्रम कर्नाटक में निम्नलिखित स्थानों पर आयोजित होगा:
14-16 जनवरी को बेंगलुरु
17-18 जनवरी को हुबली – धारवाड़
19-20 जनवरी को मंगलुरु।

Source: PIB

2. NCDEX द्वारा भारत की प्रथम कृषि विकल्प हेजिंग (प्रतिरक्षा) व्यवस्था का अनावरण

केंद्रीय वित्त मंत्रालय मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर किसानों हेतु एक नए डिजिटल व्यवस्था को प्रारंभ करने जा रहा है. इस व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (NCDEX) भारत के प्रथम कृषि विकल्प हेजिंग व्यवस्था का संचालन करेगा।

इस व्यवस्था के माध्यम से NCDEX भारत के किसानों के लिए कृषि-अर्थव्यवस्था को अधिक कुशल बनाने और ग्वार बीज के भारी मूल्य में कटौती लाकर देश की पहली कृषि-वस्तु विकल्प (country’s First agri-commodity Options in Guar Seed) व्यवस्था का अनावरण करेगा।

NCDEX द्वारा विशेष रूप से डिजाइन व्यवस्था, भारतीय सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड द्वारा अनुमोदित है।

हमें ध्यान देना चाहिए कि ग्वार बीज एनसीडीईएक्स मंच पर सबसे अधिक तरल अनुबंधों में से एक है।

यह व्यवस्था राजस्थान के कुछ व्यापारिक समुदाय द्वारा अनौपचारिक व्यापारिक केंद्र के माध्यम से ग्वार बीज के व्यापार को संतुलित करने और संपूर्ण भारतीय किसानो को ग्वार बीज के व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रारंभ की गई।

Source: PIB

3. आईएनएस निर्भीक और आईएनएस निर्घाट युद्धपोत का ड़ी-कमीशन

भारतीय नौसेना में राष्ट्र की सेवा में क्रमशः 30 और 28 वर्ष सेवा देने के उपरांत आईएनएस निर्भीक और आईएनएस निर्घाट युद्धपोत का नौसेना डॉकियार्ड, मुंबई (महाराष्ट्र) में ड़ी-कमीशन किया। यह दोनों युद्धपोत लगभग 3 दशकों से अपनी शानदार सेवाएं भारतीय नौसेना को दे रहे थे, इसके अतिरिक्त यह युद्धपोत ऑपरेशन पराक्रम और ऑपरेशन विजय जैसे ऐतिहासिक कार्यक्रमों का भी हिस्सा रहे।

आईएनएस निर्भीक और आईएनएस निर्घाट युद्धपोत क्रमशः दिसंबर 1986 और दिसंबर 1989 में पूर्व सोवियत संघ से कमीशन किए गए थे।

यह नौसैनिक जहाज चार गैस टरबाइन इंजन से लैस है, जो उन्हें 40 समुद्री मील के करीब तेज गति हासिल करने में सक्षम बनाते थे।

उनके हथियार पैकेज में चार भूतल से सतह मिसाइल, मध्यम श्रेणी के एके 176 बंदूक और करीबी रेंज ए के 630 शामिल हैं, छोटे कैलिबर गन के अतिरिक्त एक घातक पंच भी शामिल हैं।

इन जहाजों को 70 नाविकों और सात अधिकारी के चालक दल द्वारा तैनात किया गया था।

यह नौसेना जहाज वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान कराची बंदरगाह पर नौसेना की आक्रामक कार्रवाई के ध्वजवाहक थे।

Source: Business Standard

4. उत्तर कोरल (koel) जलाशय परियोजना हेतु बिहार और झारखंड के साथ समझौता हस्ताक्षर

12 जनवरी 2018 को उत्तर कोरल (koel) जलाशय परियोजना के शेष कार्यों के लिए 1622.27 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ जल संसाधन मंत्रालय ने बिहार राज्य और झारखंड राज्य के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह कोरल (koel) जलाशय परियोजना समझौता हस्ताक्षर दीर्घकालीन सिंचाई निधि के तहत केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय द्वारा किया गया है। यह परियोजना प्रारंभ होने के उपरांत 30 महीने में पूर्ण होना निर्धारित है।

इस परियोजना की कुल लागत 1622.27 करोड़ रुपये में से 1013.11 करोड़ रूपए “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” के तहत केंद्र सरकार वहन करेगी। जबकि शेष राशि में से 609.16 करोड़ रुपए बिहार और 365.25 करोड़ रु झारखंड सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

उत्तरी कोयल परियोजना के महत्वपूर्ण तथ्य:

यह परियोजना वर्ष 1972 में प्रारंभ की गई किंतु इसे वर्ष 1993 में बिहार वन विभाग द्वारा पर्यावरणीय चिंताओं पर रोक दिया गया था।

यह परियोजना सोन नदी की सहायक नदी उत्तरी कोयल के जल का उपयोग कर, सबसे पिछड़े और सूखाग्रस्त क्षेत्र की 1,11,521 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई जल उपलब्ध कराएगी।

इस परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान मंडल बांध से पलामू टाइगर रिजर्व और बेतला राष्ट्रीय उद्यान के कुछ हिस्से के जलमग्न होने की संभावना है। जिसके क्रम में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने कुछ शर्तों के साथ जून 2017 में इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी।

Source: PIB

Seema Charan

I am a House wife & I love to post Current Affairs Article & Objective Question Answers of GK in Hindi for Students. Hope You Like it. Don't Forget to Share Them.