Current Affairs January 11, 2018

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Current Affairs January 11, 2018 को सभी अखबारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड का अध्ययन कर तैयार किया गया है। यह जानकारी पाठक को UPSC, SSC, Banking, Railway और अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में सहायक होगी।

1. मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल

11 जनवरी 2018 को परिवहन और नौवहन मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने बैलार्ड पियर में अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल की आधारशिला रखी।

इस परियोजना के तहत मुंबई पोर्ट ट्रस्ट अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल के आधुनिकीकरण और विस्तार का कार्य संभालेगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 197 करोड़ रुपये है, जो मुंबई को अंतर्राष्ट्रीय क्रूज गंतव्य बनाने में सहायक होगा।

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट इस परियोजना को दो चरणों में पूरा करेगा, जिसमें से पहले चरण को वर्ष 2018 के अंत तक 2 लाख यात्रियों को सुविधा देने और द्वितीय चरण में वर्ष 2019 के अंत तक 7 लाख से अधिक यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल मानकों के अनुरूप सुविधाएं प्रदान की जाएगी।

यह अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल यात्रियों को हवाई अड्डे के समानांतर सुविधा प्रदान करेगा।

इन सुविधाओं में शॉपिंग क्षेत्र, होटल और आगमन और प्रस्थान के लिए अलग लाउंज शामिल होंगे।

मैसर्स बर्मेलो और अजमल और अर्नेस्ट एंड यंग द्वारा तैयार क्रूज टूरिज़्म रोडमैप के मुताबिक करीब 4 मिलियन यात्रियों के आने वाले सालों में भारत आने की संभावना है, जबकि 3 मिलियन यात्री मुंबई से अपनी क्रूज यात्रा प्रारंभ करेंगे।

वर्ष 2016-17 में मुंबई बंदरगाह पर 55 क्रूज जहाजों से लगभग 60,000 यात्री भारत पहुंचे थे।

केंद्रीय परिवहन और नौवहन मंत्रालय क्रूज नीति के माध्यम से भारत में क्रूज लाइनर ट्रैफिक को 10 गुना बढ़ाकर “550 क्रूज जहाज” करना चाहती है, जो भारत के आर्थिक विकास में सहयोग प्रदान करेगा।

इस परियोजना के तहत पांच बंदरगाह-मुंबई, गोवा, मैंगलोर, चेन्नई और कोच्चि को क्रूज़ केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

Source: Hindustan Times

2. के. सिवान इसरो के नए अध्यक्ष

रॉकेट विशेषज्ञ के. सिवान (K Sivan) को तीन साल की अवधि के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के रुप में नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान इसरो अध्यक्ष ए. किरण कुमार की जगह लेंगे।

के. सिवान वर्तमान में त्रिवेंद्रम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक हैं।

वह प्रथम भारतीय क्रायोजेनिक इंजन विकास प्रणाली के प्रणेता है। एक क्रायोजेनिक इंजन, ईंधन के रूप में कम तापमान पर संग्रहीत तरलीकृत गैसों का उपयोग करता है।

के. सिवान स्वदेशी अंतरिक्ष शटल Geosynchronous Satellite Launch Vehicle MK II विकसित करने वाली टीम के सदस्य भी हैं।

श्री सिवान, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे से स्नातक हैं।

Source: Hindustan Times

3. दिल्ली विश्वविद्यालय के साइबर सुरक्षा विभाग को केंद्रीय समर्थन

6 वें अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्य सम्मेलन 2018 के अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा संचालित साइबर सुरक्षा विभाग को केंद्र सरकार द्वारा समर्थन प्रदान करने की घोषणा की। इस पहल के माध्यम से केंद्र सरकार भारत को कम लागत वाले साइबर सुरक्षा उत्पादों कि एक शक्तिशाली केंद्र के रुप में स्थापित करना चाहता है, जहां नागरिकों को साइबर सुरक्षा के बारे में विस्तृत और रचनात्मक जानकारी प्रायोगिक तरीके से बताई जाएगी।

हमें ध्यान देना चाहिए कि 5 दिसंबर 2017 को दिल्ली विश्वविद्यालय ने साइबर सुरक्षा कानून और शोध में कुशल पेशेवरों का पोषण करने के लिए साइबर सुरक्षा का 1 वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स का अनुमोदन किया। यह पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले विश्वविद्यालय को संवैधानिक निकायों से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होगा।

Source: PIB

4. भारतीय रेलवे की उपनगरीय यात्रियों हेतु यूटीएस मोबाइल टिकट प्रिंटिंग व्यवस्था

भारतीय रेलवे ने उपनगरीय यात्रियों के लिए यूटीएस मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक टिकटों की त्वरित छपाई के लिए आधुनिक ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (ओसीआर) कियोस्क मशीनों का परिचालन प्रारंभ किया गया।

पश्चिमी रेलवे मुंबई उपनगरीय यात्रियों के लिए इस सुविधा का परिचय करने के लिए पहला रेलवे क्षेत्र बन गया है। यह नई सुविधा टिकटों का मुद्रण बहुत आसान और तेज़ हो जाएगी इस सुविधा के तहत बस ओसीआर कियोस्क मशीन में प्रदान किए गए नामित स्लॉट में यूटीएस मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट के एसएमएस को प्रदर्शित करने वाले मोबाइल फोन की स्क्रीन को आसानी से रखकर मशीन आसानी से एसएमएस और प्रिंट टिकट पढ़ लेगा।

पश्चिमी रेलवे (मुख्यालय मुंबई) उपनगरीय यात्रियों के लिए इस सुविधा का परिचालन करने वाला प्रथम रेलवे जोन बन गया है। इस सुविधा से टिकटों का मुद्रण बहुत ही आसान और तेज हो जाएगा। जिसमें यात्री को ओसीआर कियोस्क मशीन के नामित स्लॉट में यूटीएस मोबाइल ऐप से प्राप्त टिकट SMS को प्रदर्शित करने मात्र से आसानी से टिकट प्रिंट कर दिया जाएगा।

इस प्रक्रिया के प्रथम चरण में, 25 ओसीआर कियोस्क की स्थापना पश्चिमी रेलवे द्वारा की गई है, जिसमें से 20 किओस्क स्थापित किए गए हैं और 11 जनवरी 2018 को पश्चिमी रेलवे के पांच मुंबई उपनगरीय स्टेशनों जैसे चर्चगेट (1 कियॉस्क), दादर (6 कियॉस्क), बांद्रा (3 कियोस्क), अंधेरी (5 कियॉस्क) और बोरिवली (5 किओस्क) कार्यान्वित हो गए हैं। इन कियोस्क का उपयोग यात्रियों को यूटीएस मोबाइल एप के माध्यम से बुक किए जाने वाले टिकटों का प्रिंट आउट प्राप्त करने और बुकिंग काउंटर / एटीवीएम मशीनों पर कतारों को कम करने की सुविधा प्रदान करेगा जिससे यूटीएस मोबाइल एप के माध्यम से लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा।

Source: PIB

5. भारतीय रेलवे की स्फूर्ति (SFOORTI) मोबाइल एप्लीकेशन

भारतीय रेलवे ने ट्रैफिक प्रवाह और माल ढुलाई कार्यों को और अधिक डिजिटल करते हुए माल ढुलाई प्रबंधकों हेतु Smart Freight Operation Optimisation & Real Time Information (SFOORTI/स्फूर्ति ) नामक मोबाइल एप्लीकेशन सेवा का शुभारंभ किया। यह मोबाइल एप्लीकेशन भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करके माल ढुलाई और निगरानी की सुविधा प्रदान करेगी।

SFOORTI/स्फूर्ति एप्लीकेशन के मुख्य विशेषताएं:

यह भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर माल गाड़ियों की आवाजाही की सूचना प्रदान करेगी।

यह क्षेत्रीय यातायात के तुलनात्मक विश्लेषण में सहायक होगी

यह मोबाइल एप्लीकेशन Freight Assets व्यापार पर निगरानी में सहायक होगी

मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से और डिवीजनों के लोडिंग और उपयोग से संबंधित प्रदर्शनों को भी देखा जा सकेगा।

यह मोबाइल एप्लीकेशन ट्रैक के बेहतर बदलाव को सुनिश्चित करने के लिए फ्रेट टर्मिनल और साइड्स बेहतर मॉनिटर व्यवस्था प्रदान करेगी।

Source: PIB

6. भारत का प्रथम राज्य समर्थित वैश्विक कौशल विकास और प्लेसमेंट केंद्र महाराष्ट्र में प्रस्तावित

महाराष्ट्र में भारत के प्रथम राज्य समर्थित वैश्विक कौशल विकास और प्लेसमेंट केंद्र का संचालन किया जाएगा। इस संबंध में परियोजना को केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने सहमति प्रदान की। यह केंद्र विदेशों में युवाओं को, विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी के अवसर प्रदान करेगा।

इस योजना के तहत प्रथम चरण में मुंबई में जबकि द्वितीय चरण में औरंगाबाद और नागपुर में वैश्विक कौशल विकास और प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इस परियोजना के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार कुशल नागरिक श्रम को विदेशी आवश्यकता के अनुरूप अपने कौशल का परिचय करने का अवसर प्रदान करेगी।

इस परियोजना में राज्य और केंद्र सरकार नागरिकों के हितों और अधिकारों की रक्षा के प्रति कटिबद्ध रहेगी।

Source: Hindustan Times

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Seema Charan

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