पश्चिम बंगाल क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण, नियमन और पारदर्शिता ) विधेयक 2017

पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य में निजी स्वास्थ्य सेवा में चिकित्सा लापरवाही और भ्रष्टाचार में लिप्त स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ कड़े उपाय लेने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण, नियमन और पारदर्शिता ) विधेयक 2017 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। यह विधेयक पूर्वर्ती पश्चिम बंगाल विधान क्लिनिकल प्रतिष्ठान (विनियमन) अधिनियम, 2010 का स्थान लेगा।

विधेयक की मुख्य विशेषताएं

यह विधेयक क्लीनिक, डिस्पेंसरी और पालीक्लिनिक पर पारदर्शिता लाने और रोगियों के उत्पीड़न को समाप्त करने के उद्देश्य से लाया गया है।

यह विधेयक राज्य में निजी स्वास्थ्य सुविधाओं के देखरेख के लिए एक नियामक आयोग के गठन की अनुसंशा करता है। यह नियामक आयोग शिकायतकर्ताओं की अपील पर संबंधित निजी अस्पताल पर दंड लगाने में समर्थ होगा।

यह विधेयक निजी अस्पतालों को शक्ति से निर्धारित धर्म का पालन करने और उपचार प्रारंभ होने के उपरांत किसी भी जटिलता की स्थिति में अतिरिक्त चार्ज नहीं लेने के लिए पाबंद करता है।

यह विधेयक अस्पतालों को भुगतान ना होने की स्थिति पर भी परिजनों को शव उपलब्ध कराने के लिए भी पाबंद करता है।

यह विधेयक अस्पतालों को भुगतान न होने की स्थिति पर भी दुर्घटना के शिकार मरीज का इलाज प्रारंभ करने के आदेश देता है।

यह विधेयक राज्य सरकार की ओर से भूमि प्राप्त निजी अस्पतालों को अपने आउटडोर में 5 में से एक और अस्पताल में भर्ती 10 रोगियों में से एक को मुफ्त इलाज करने के लिए भी आदेश देता है।

Source:

The Hindu – West Bengal passes Bill to rein in private hospitals

Seema Charan

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