भारतीय सौर ऊर्जा परियोजनाओं का दोहरीकरण

23 फरवरी 2017 को भारतीय सौर ऊर्जा निगम की सिफारिशों पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने भारत के वर्तमान सौर ऊर्जा पार्कों की विद्युत क्षमता 20 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 40 हजार मेगावाट करने पर सहमति जारी की। यह सहमति संबंधित राज्य सरकारों द्वारा सौर पार्कों की मांग पर विचार के उपरांत जारी की गई।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम, नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में इस योजना का क्रियांवयन करेगी, साथ ही अनुदान राशि जारी करने का भी कार्य करेगी।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम:

भारतीय सौर ऊर्जा निगम की स्थापना वर्ष 2011 में कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के तहत की गई थी।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशन में कार्यरत एक सार्वजनिक इकाई है।

भारतीय सौर ऊर्जा निगम देश में सौर ऊर्जा संबंधित योजना के अनुमोदन का कार्य करती है।

महत्वपूर्ण तथ्य:

केंद्रीय योजना के तहत 500 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर पार्क को प्रत्येक राज्य में स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

केंद्र सरकार देश में कम से कम 50 सोलर पार्क स्थापित करेगी, जिसके लिए सभी राज्य और संघ शासित प्रदेश लाभप्रद होंगे।

केंद्रीय योजना के तहत वर्ष 2019-20 तक कुल 8,100 करोड़ों रुपए की वित्तीय सहायता से देश में सौर पार्क और अल्ट्रा मेगा सौर विद्युत परियोजनाओं को स्थापित किया जाएगा।

इन योजनाओं के परिचालन के उपरांत प्रतिवर्ष कुल 64 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन होगा. जिससे प्रतिवर्ष करीब 55 लाख टन CO2 के उत्सर्जन में कमी आएगी।

यह योजना देश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा में योगदान के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी कर पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में भी सहयोग प्रदान करेगी।

यह योजना देश में औद्योगिक उपकरण, धातु, और सौर ऊर्जा संबंधित उद्योग क्षेत्र में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी।

इस योजना के तहत सोलर पार्क संबंधित राज्य या संघ राज्य सरकार के सहयोग से विकसित किया जाएगा। संबंधित राज्य सरकार सोलर पार्क के लिए सौर ऊर्जा पार्क डेवलपर का चयन कर उसकी रखरखाव सुनिश्चित करेगी।

Related Post

Seema Charan

I am a House wife & I love to post Current Affairs Article & Objective Question Answers of GK in Hindi for Students. Hope You Like it. Don't Forget to Share Them.